देवघर उपायुक्त के कार्यवाही के बावजूद नहीं हुआ यह काम।


  •  एक वर्षों में ही दुबारा धस गया लाखों का नाला।
  •   डीएमएफडी मद से 34,00,000 की लागत से बना था नाला।

विजय सिन्हा देवघर

सारठ प्रखंड के ग्राम पंचायत मंझलाडिह में लाखों की लागत से बना  सिंचाई नाला एक वर्ष में दुबारा ध्वस्त हो गया। बताते चलें कि 30 अगस्त 2019 को झारखंड सरकार के तत्कालीन कृषि एवं पशुपालन मंत्री सह सारठ विधायक रंधीर सिंह ने प्रखंड के ग्राम पंचायत मंझलाडिह में बड़ा तालाब से रवानी टोला तक  डीएमएफडी मद से स्वीकृत 34,00,000 लाख की लागत से बनने वाले नाला का  शिलान्यास किया था। जिसका काम टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से संवेदक को दे दी गई।संवेदक द्वारा निर्माण कार्य मे निर्धारित मानकों का अनदेखी करते हुए घटिया सामग्री का प्रयोग कर कार्य किया जाने लगा। परिणामस्वरूप निर्माण कार्य के दौरान ही जुलाई 2020 में लगभग 400 फिट नाला ध्वस्त हो गया । ग्रमीणों ने इसकी शिकायत विधायक रंधीर सिंह से की उसके बाद विधायक ने तत्काल कार्यवाही करते हुए उपायुक्त को पत्र लिखकर जाँच की मांग की। वहीँ तत्कालीन उपायुक्त नेन्सी सहाय ने मामले को गम्भीरता से लेते हुए ग्रामीण विकास विभाग विशेष प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता जितेन्द्र कुमार पासवान को सो कॉज करते हुए संवेदक द्वारा निर्माण कार्य मे निर्धारित मानकों की अनदेखी करते हुए  घटिया सामग्री का उपयोग करने पर नाराजगी जाहिर कर उसके विरुद्ध कार्यवाही करने की भी बात कही थी। एवं तुरंत संवेदक को कार्यों में सुधार कर पुनर्निर्माण का निर्देश  दिए थे। उसके बाद विभाग संवेदक द्वारा खानापूर्ति करते हुए किसी तरह काम पूरा कर लिया गया। वहीँ ग्रमीणों ने बताया कि निर्माण कार्य के दौरान ना निचे न ऊपर कहीं भी कंक्रीट का ढलाई नहीं किया गया जिसके कारण एक वर्ष पूरे होने से पहले पुनः बरसात आते ही नाला ध्वस्त हो गया। जिससे पानी का मार्ग अवरुद्ध हो गया एवं ग्रामीण किसानों को सिंचाई करने का सपना केवल सपना बनकर रह गया। वहीँ इसको लेकर अभी तक किसी भी प्रशासनिक अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने कोई पहल की ना कोई जाँच । ग्रमीणों ने संवेदक एवं विभाग पर गाँव के कुछ बिचौलियों के साथ मिलकर राशि की बंदरबाट करने का भी आरोप लगाया है।साथ ही साथ प्रशासन से उक्त नाले की जाँच कर कार्यवाही करते हुए पुननिर्माण की माँग की है ताकि सरकारी राशि का दुरूपयोग होने से बच जाए एवं जिस मकसद से नाले का निर्माण हुआ वो भी कामयाब हो सके।

कोई टिप्पणी नहीं