शहर के चर्चित मदरसा सिराज उल इस्लाम मैं अध्यक्ष और सचिव पद के लिए चुनाव हुआ संपन्न



मधुपुर 8 अगस्त:  शहर के चांदमारी मोहल्ला स्थित चर्चित मदरसा शिराज उल इस्लाम का अध्यक्ष सचिव और कोषाध्यक्ष का चुनाव  पेपर के द्वारा कराया गया चुनाव पर्वेक्षक एनुल होदा अबू तालिब अंसारी मास्टर फारुक अहमद मुजम्मिल साहब की निगरानी में शांतिपूर्ण से चुनाव कराया गया कुल मतों की संख्या 700 थे जिसमें 653 मत डाले गए चुनाव की प्रतिक्रिया 9:00 बजे सुबह से 2:00 बजे तक  रखा गया था मतों की गिनती 2: 30 बजे से शुरु की गई समय के मुताबिक कुल 640 मत पडे़  वही कोषाध्यक्ष के लिए एक ही उम्मीदवार रहने के कारण निर्विरोध नूरआलम उर्फ चांद को पहले ही जीत का एलान कर दिए गए अध्यक्ष के लिए दो उम्मीदवार मैदान में थे वही सचिव के लिए भी दो उमीदवार मैदान में डटे रहे अध्यक्ष के लिए हाजी अल्ताफ हुसैन और हाजी मनसूर आलम के बीच मुकाबला हुए वही सचिव के लिए सगीर अहमद और लियाकत हुसैन उर्फ लाडला दो उमीदवार मैदान में थे मतों की गिनती के मुताबिक अध्यक्ष पद के लिए हाजी अल्ताफ हुसैन को 410 मत प्राप्त हुए उनके पतिबंधी हाजी मंजूर आलम को 200 मत मिले इस तरह हाजी अल्ताफ हुसैन हाजी मंजूर आलम को 210 मतों से शिकस्त देकर अध्यक्ष पद पर काबिज हो गए वही सचिव के लिए सगीर अहमद को 465 मत मिले उनके प्रतिबंधि  लियाकत हुसैन को मात्र 177 मत प्राप्त हुए इस तरह सगीर अहमद ने अपने प्रतिबंधि लियाकत हुसैन उर्फ लाडला को 288 मतों से हराकर सचिव पद को बरकरार रखा लियाकत हुसैन को 177 मत पर ही संतुष्ट करना पड़ा बताया जाता है कि मदरसा सिराजुल इस्लाम की बुनियाद 1987 में पड़ी इस समय से सगीर अहमद लगातार सिराजुल इस्लाम मदरसा का सचिव के पद पर अपने कार्य को ईमानदारी के तौर पर निभाते आ रहे हैं जिसके कारण है कि सगीर अहमद को आवाम ने लगातार सचिव के लिए पसंद कर रहे हैं इस मौके पर जीत के बाद सगीर अहमद ने बताया कि जबसे मदरसा की निगरानी करने की जिम्मेदारी आवाम की तरफ से  दी जा रही है मैं अपने कार्यों को ईमानदारी के साथ निभाते आ रहा हूं जिसका नतीजा है कि आवाम की मोहब्बत मुझ पर बरकरार है और मैं मदरसा की खिदमत में अपने कार्य को अंजाम दे रहा हूं उन्होंने कहा कि जिस तरह अव्वाम ने इस बार भी अपनी मोहब्बत का सबूत पेश करते हुए हमें और हमारी टीम को अपना बहुमत दिया है मैं वादा करता हूं कि ईमानदारी से कार्य करते हुए मदरसा को आगे बढ़ाने का कार्य करूंगा। मौके पर डॉक्टर नजमुल हुदा, नईम उल हक, मौलाना बसीर साहब, मदरसा के प्राचार्य हेड मौलवी मौलाना अजमल नूरी, मौलाना जमीरउद्दीन, मौलाना कारी सलामत साहब, मास्टर जुल्फरकार अहमद, मास्टर शाहनवाज, मोहम्मद सादिक अंसारी उर्फ श्याम, आदिल रशीद, इसरार अहमद, सरफराज अहमद, अशरफी इत्यादि दर्जनों लोग उपस्थित थे !

कोई टिप्पणी नहीं