याद किए गए स्वतंत्रता सेनानी बालेश्वर बाबू



देवघर।स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय बालेश्वर प्रसाद महतो की 22 वीं पुण्यतिथि उनके पैतृक गांव कुन्डारो में सादगी ढंग से मनाई गई। इस दौरान उपस्थित  ग्रामीण व परिजनों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हे भावभीनी श्रद्धांजलि दी। साथ ही प्रमुख लोगों ने उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर भी प्रकाश डाले। बड़े पुत्र नीलकंठ यादव ने कहा कि स्व. बालेश्वर बाबू सरीखे महान स्वतंत्रता सेनानी के त्याग के कारण ही आज हमारा देश अंग्रेजी हुकूमत से आजाद हुआ। वही समाजसेवी व पौत्र सेवक अजीत यादव ने कहा कि- "नई पीढ़ी को स्वधीनता सेनानियों के विचारो से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में निर्णायक भूमिका सुनिश्चित करनी होगी।" बालेश्वर बाबू इस क्षेत्र की पुण्यात्मा थे।अंग्रेजी हुकूमतों द्वारा कुचले क्षेत्र के लोगों में उपजे पिछड़ेपन को दूर करने के लिए खास कर निम्न वर्ग के जाति के लोगो को संगठित एवं एकजुट करने का काम किया.

देश आजाद होने के बाद सारठ में सामंतवाद से भी लड़े।वही लक्ष्मण मेहरा ने कहा कि बालेश्वर बाबू आजीवन कांग्रेस पार्टी व संगठन की मजबूती के लिए सदैव कार्य करते रहे।श्रद्धांजलि सभा में श्री सूर्यनारायण यादव , सत्यनारायण यादव  ,शीतल यादव, लक्ष्मण मेहरा, सुमेश्वर यादव , शंकर यादव, जयकांत यादव,सीताराम यादव, काशी यादव, बलदेव यादव , नुनदेव यादव , नरेश यादव,  मिथिलेश यादव, श्रवण कुमार, सोनू नापित , राजीव कुमार , विकास कुमार , जयकांत यादव, तपन यादव, अनील यादव, शोभा देवी , सोनाली यादव , रोहित यादव , सोहित राज , लता देवी, उर्मिला देवी ,दिवाकर यादव समेत अन्य उपस्थित थे ।

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