पोखरिया में एसएमसी गठन में उड़ी कोविड नियमों की धज्जियां



नारायणपुर(जामताड़ा):नारायणपुर प्रखंड क्षेत्र के उत्क्रमित उर्दू मध्य विद्यालय पोखरिया में मंगलवार को  विद्यालय प्रबंधन समिति गठन हेतु एक आम सभा का आयोजन किया गया था लेकिन अध्यक्ष चयन को लेकर  ग्रामीण दो गुटों में बंटकर जोरदार हंगामा करने लगे| जिस कारण समिति गठन को गई पर्यवेक्षक एवं टीम को बैरंग वापस लौटना पड़ा |इस दौरान सैकड़ों की संख्या में मौजूद लोगों ने अध्यक्ष पद को लेकर जोरदार हंगामा किया |हालांकि इस दौरान जिस तरह लोग भीड़ इकट्ठा कर हो हंगामा कर रहे थे एवं बिना मास्क के एक दूसरे के साथ संपर्क में  आ रहे थे इससे यह कतई  इनकार नहीं किया जा सकता है कि कोरोना महामारी  के प्रति लोग लापरवाही बरत रहे हैं |सैकड़ों की संख्या में मौजूद महिलाएं ,पुरुष एवं बच्चे ने  ना तो मास्क पहना जरूरी समझा और ना ही सामाजिक दूरी का अनुपालन करना |लोग बस विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष पद के लिए आपाधापी कर रहे थे |अब इस पूरे प्रकरण में कई सवाल खड़े हो रहे हैं |आखिर जब पूरा देश कोरोना  कि भयवाह स्थिति से जूझ रहा है तो ऐसे में इतनी भीड़ -भाड़ इकट्ठा कर विद्यालय प्रबंधन समिति का गठन करने की क्या जरूरत आन पड़ी है |जबकि विगत 1 वर्षों से विद्यालय में पठन-पाठन कार्य बिल्कुल स्थगित है |अगर प्रबंधन समिति का गठन होना भी था तो इसमें सीमित संख्या में लोगों को शामिल करने की जरूरत थी एवं कोविड  नियमों का पूर्ण रुप से पालन करवाना चाहिए था| लेकिन इस दिशा में ना तो ग्रामीणों ने चिंता किया और ना ही विभागीय स्तर से कोई पहल की गई |जो तस्वीर सामने आ रही है अगर ऐसे में भीड़ में एक भी व्यक्ति कोरोना संक्रमित हो तो इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है कि आने वाले समय में नारायणपुर के पोखरिया गांव से कोरोना विस्फोट हो सकता है और इसका खामियाजा पूरे प्रखंड को भुगतना पड़ सकता है|

क्या कहते बीईईओ

इस संबंध में प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी कैलाशपति पातर ने कहा कि पोखरिया में मंगलवार को विद्यालय प्रबंधन समिति गठन हेतु एक टीम भेजी गई थी लोगों ने भीड़ इकट्ठा कर हो  हंगामा करना शुरू कर दिया जिस कारण समिति गठन नहीं हो पाई| पुलिस की भी मदद ली गई थी| लेकिन लोगों की भीड़ इतनी थी कि पुलिस के द्वारा भी उक्त भीड़ को नियंत्रित नहीं किया जा सका| पुनः तिथि निर्धारित कर एसएमसी गठन किया जाएगा|

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