संक्रांति से संक्रांति तक चलने वाला बंगला सावन की समाप्ति मंगलवार को हो गई



सावन मास एकादशी तिथि पर बाबा मंदिर मैं बाहर से आए श्रद्धालुओं के द्वारा पूजा अर्चना करने को लेकर जद्दोजहद सुबह से लेकर शाम तक वहां पर तैनात पुलिस को करनी पड़ेगी श्रद्धालुओं का कहना है कि दूर से ही सही बाबा बैजनाथ का दर्शन करने दो यह दूसरा साल है जब बाबा बैजनाथ का श्रावणी मेला नहीं लग सका और मंदिर में बाहरी श्रद्धालुओं के लिए पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है श्रद्धालु जैसे तैसे प्रतिदिन मंदिर के आसपास पहुंच रहे हैं और उन्हें बहला-फुसलाकर समझा-बुझाकर वापस लौटा दिया जा रहा है मगर कुछ ऐसे भी श्रद्धालु आते हैं जो अपने जिद पर अड़ जाते हैं और इस तरह की स्थिति आए दिन मंदिर के सभी द्वार पर तैनात पुलिस प्रशासन को झेलनी पड़ रही है वही श्रावणी मेला समाप्त होने में अब 3 दिन शेष बचा हुआ है जिला प्रशासन पूर्णिमा को लेकर तैयारी में जुट गई है ताकि श्रद्धालु अगर मनजीत तक पहुंचे तो उन्हें सरलता सुगमता पूर्वक समझा कर वापस भेजा जा सके आज प्रातः काल की पूजा सुबह 4:00 बज कर 10 मिनट पर बाबा मंदिर का पट जिला प्रशासन की देखरेख में खोला गया इस दौरान पुजारी के द्वारा बाबा बैद्यनाथ का परंपरा अनुसार पूजा अर्चना किया गया उसके बाद सीमित तीर्थ पुरोहितों के द्वारा बाबा का पूजा अर्चना किया गया करीब 7:00 बजे सभी को मंदिर से बाहर निकालकर मंदिर का पट बंद कर दिया गया वही शाम को 6:30 में श्रृंगार पूजा के लिए बाबा मंदिर का पट कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के साथ खोला गया ताकि आम श्रद्धालु मंदिर में प्रवेश ना करते हुए और सरकार के गाइडलाइन का अनुपालन किया जा सके वरना संक्रमण को देखते हुए जिला प्रशासन शुरू से ही भीड़भाड़ को लेकर राज्य के प्रत्येक जनता को सतर्क कर रही है की तीसरी लहर का आशंका लोगों को सताए जा रही है मंदिर नहीं खुलने से  रोजी-रोटी के लिए मंदिर पर आश्रित लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है

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