राहुल अध्ययन केन्द्र में राष्ट्रकवि मैथलीशरण गुप्त की जयन्ती मनायी गई।



देवघर- मधुपुर के स्थानीय राहुल अध्ययन केन्द्र में राष्ट्रकवि मैथलीशरण गुप्त जयन्ती पर याद किये गये । मौके पर उनकी तस्वीर पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किया गया । मौके पर जलेस के प्रांतीय सह सचिव  धनंजय प्रसाद ने विस्तार पूर्वक चर्चा करते हुये कहा कि गुप्त जी राष्ट्रकवि के साथ खड़ी बोली के प्रणेता थे । वे भारतीय सस्कृति के उद्धारक व अग्रदूत थे। हिन्दी साहित्य के एक प्रमुख स्तम्भ थे। राज्यसभा के वे पहले सदस्य थे ,जो सभी प्रसंगो का जवाब काव्यात्मक अंदाज में पेश करते थे। जिस वजह से वे काफी चर्चित थे। उनकी प्रमुख रचना भारत भारती , जय भारत , साकेत , यशोधरा आदि है। इस कार्यक्रम के दौरान अन्य लोगों ने भी राष्ट्रकवि मैथलीशरण गुप्त की तस्वीर पर श्रद्धासुमन अर्पित किये।

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