देवीपुर औद्योगिक क्षेत्र को बसाने हेतु औद्योगिक संगठनों ने मुख्यमंत्री के नाम उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन।



देवघर- सोमवार को चैम्बर और औद्योगिक संगठनों का एक संयुक्त प्रतिनिधिमंडल देवीपुर औद्योगिक क्षेत्र की परेशानियों के मद्देनजर देवघर उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम एक संयुक्त ज्ञापन सह पीत-पत्र देने के लिए उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री से उनके कार्यालय कक्ष में मिला। विदित हो कि देवीपुर औद्योगिक क्षेत्र में 2 वर्षों से भी ज्यादा समय से उद्यमियों को उन्हें आवंटित जमीन पर दखल नहीं मिल पा रहा है। संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए सिलसिलेवार ढंग से देवीपुर औद्योगिक क्षेत्र के गतिरोधों की जानकारी दी। उन्हें बताया गया कि जियाडा और एसपियाडा द्वारा नियमानुकूल ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत उद्यमियों को प्लॉट आवंटित की गई है तथा उन प्लॉटों पर लगने वाले उद्योगों की प्रोजेक्ट भी एसपियाडा को समर्पित है। ये प्रोजेक्ट झारखण्ड उद्योग नीति के अनुसार अनुमान्य उद्योगों के लिए ही जमीन आवंटित हुआ है। यहां जमीन आवंटन में कोई पक्षपात की बात नहीं है और विशुद्ध रूप से सक्रिय उद्यमियों को ही प्लॉट मिले हैं। देवीपुर औद्योगिक क्षेत्र की जमीन पर ही एम्स और प्लास्टिक पार्क के काम सुचारू ढंग से चल रहे हैं। अतः औद्योगिक क्षेत्र में भी सुचारू रूप से प्रशासन द्वारा उद्यमियों को आवंटित किये गए 81 प्लॉट पर दखल दिलाने की पहल शुरू की जानी चाहिए ताकि इन उद्यमियों के साथ अन्याय न हो। प्लास्टिक पार्क में नए उद्यमियों को आवंटन की प्रक्रिया पूरी करने से पहले इन्हें भी पोजीशन दे दिया जाय। उपायुक्त ने चैम्बर और उद्यमियों की बातों को बड़े सकारात्मक अंदाज में सुना-समझा और आश्वस्त किया कि वे यथाशीघ्र इस पर सरकार को विश्वास में लेकर देवीपुर में जमीन अलॉट कराए 77 उद्यमियों को दखल दिलवाने की कोशिश करेंगे। उन्होंने कहा कि कोई भी बड़े काम में विरोध-प्रतिरोध की समस्या आती ही है, लेकिन औद्योगिक क्षेत्रों और आप उद्यमियों की समस्याओं को दूर किया जाएगा तथा देवघर में आने वाले दिनों में उद्योग लगने की प्रगति दिखाई देगी। फेडरेशन के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष आलोक मल्लिक ने सुझाव दिया कि प्रशासन पहले औद्योगिक क्षेत्र का भौतिक सीमांकन का कार्य कर ले और उसके बाद उद्यमियों को उनके प्लॉट पर दखल दिलाने की कार्रवाई हो, ताकि फिर से उद्यमियों को काम करने में व्यवधान न उत्पन्न हो। उन्होंने बताया कि एक बार इन समस्याओं का समाधान हो जाये, तो यहां लगने वाले एमएसएमई उद्योगों से बड़ा रोजगार पैदा होगा तथा संप की आर्थिक समृद्धि बढ़ेगी। इस तथ्यात्मक जानकारियों से परिपूर्ण चर्चा से उपायुक्त काफी खुश नजर आए और बताया कि जल्द ही सकारात्मक परिणाम नजर आएंगे। उन्होंने कहा कि टीम देवघर के रूप में प्रशासन और उद्यमियों के सहयोग से देवघर को विकसित करने के लिए मिलकर काम किया जाएगा। फेडरेशन ऑफ झारखण्ड चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष आलोक मल्लिक के साथ प्रतिनिधिमंडल में संप चैम्बर के अध्यक्ष गोपाल कृष्ण शर्मा, कार्यकारिणी सदस्य संजीत सिंह, देवघर चैम्बर के अध्यक्ष रवि केशरी, कोषाध्यक्ष पंकज मोदी, संप औद्योगिक क्षेत्र संगठन के अध्यक्ष कमल नयन सिंह और सुनिल रूंगटा शामिल थे।

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