सारठ में धूमधाम से हुई माँ विपदतारिणी की वार्षिक पूजा



सारठ : प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न गांवों में मंगलवार को माता विपदतारिणी की वार्षिक पूजा बड़े ही धूमधाम के साथ संपन्न हो गया और सरकार द्वारा कोरोना महामारी को लेकर जारी गाइड लाइन का कहीं तनिक भी पालन नहीं हुआ। सारठ स्थित बाबा दुखहरणनाथ मंदिर से सटे बगीचा काली मंदिर, मिसराडीह काली मंदिर समेत अन्य जगहों में बंगाली समाज के अलावे अन्य समाज द्वारा माता विपदतारिणी की पूजा पूरे विधि-विधान के साथ की गई। सारठ में वार्षिक पूजा को लेकर आयोजन समिति द्वारा बताया कि लगातार 42 वर्षों से यहां माँ की पूजा की जा रही है। वहीं मिसराडीह गांव में पिछले चार वर्षों से पूजा हो रही है। इस दौरान

मंदिर में पूजा करने व पुष्पांजलि देने के लिए काफी संख्या में महिलायें शामिल हुई और क्षेत्र में शांति, सुख, समृद्धि की कामना की गई। बताया गया कि वार्षिक पूजा में माता को तेरह प्रकार के फूल और फल और नवैद्य अर्पित किया जाता है। सारठ में 

आचार्य राजेश राजहंस द्वारा यजमान धीरेन दास व परितोष दे को विधि विधान से पूजा-अर्चना कराया गया। वहीं मिसराडीह में पंडित शंकर झा द्वारा यजमान कन्हैया मंडल व उनकी धर्मपत्नी को मां की विधिवत पूजा कराई गई और पूजा के बाद महिलाओं द्वारा एक दूसरे को सिंदूर लगाकर मां से सुहागन रहने की कामना की गई। वहीं सभी भक्तों के बीच महाप्रसाद का भी वितरण किया गया।

वार्षिक पूजा के सफल संचालन में सारठ के पोचन चंद, कार्तिक दे, अजित दे, उज्ज्वल दे, सोष्ठी साधु, शिवन दे,भैरव दास, मिसराडीह में बापी रुज, दीपक पंडित, पंकज मंडल, टुनटुन साह, रवि रुज, प्रवीण साह  समेत अन्य का सराहनीय योगदान देखा गया।

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