समाहरणालय परिसर से उपायुक्त ने वज्रपात सुरक्षा जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना



उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी  मंजूनाथ भजंत्री द्वारा समाहरणालय परिसर से वज्रपात सुरक्षा जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस दौरान उपायुक्त ने आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि सुदूरवर्ती गांवों में विशेष रूप से ध्यान देते हुए प्रचार प्रसार करें, ताकि अंतिम छोड़ के व्यक्ति को जागरूक करते हुए वज्रपात से बचने के सरल उपायों से अवगत कराते हुए सुरक्षित रखा जा सके।

इसके अलावे मौके पर उपस्थित मीडिया प्रतिनिधियों से बातचीत करते हुए उपायुक्त  मंजूनाथ भजंत्री द्वारा जानकारी दी गई कि वज्रपात के प्रति लोगों को जागरूक  और सुरक्षित रखने के उद्देश्य से CROPC, भारत मौसम विज्ञान विभाग, भारत सरकार एवं वर्ल्ड विजन इंडिया के संयुक्त अभियान के अंतर्गत जिले में विशेष जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया है। इसके माध्यम से दो सुरक्षा जागरूकता रथ द्वारा प्रखंडवार तरीके से जिले के सभी दस प्रखंडो के पंचायतों में पहुचकर लोगों को वज्रपात से बचाव के उपायों से अवगत कराएगी, ताकि वज्रपात और खराब मौसम के दरम्यान जागरुकता के अभाव में कोई भी व्यक्ति इससे प्रभावित न हो। आगे उपायुक्त ने कहा कि प्रत्येक वर्ष वज्रपात से कई लोगों की जान जाती है। ऐसे में सुरक्षा जागरूकता रथ के माध्यम से लोगों को वज्रपात के समय कौन-कौन सी सावधानी बरतनी चाहिए, इससे जुड़ी विस्तृत जानकारी सभी को दी जाएगी। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों के अलावा जिन जगहों पर वज्रपात की आशंका सबसे अधिक है, वैसे क्षेत्रों में विशेषकर इस रथ के जरिये जागरुकता फैलायी जाएगी।

■ उपायुक्त ने अपने साथ अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी जागरूक करने का किया आग्रह....

इसके अलावे उपायुक्त  मंजूनाथ भजंत्री ने जिलावासियों से अपील करते हुए कहा है कि वज्रपात और खराब मौसम होने पर प्रयास करें कि अपने घरों मे ही सुरक्षित रहें। सबसे महत्वपूर्ण अपने परिवार के साथ दूसरों को इन विषयों पर जागरूक और सुरक्षित करने में जिला प्रशासन का सहयोग करें।

■ इसके अलावा उपायुक्त  मंजूनाथ भजंत्री ने आंधी, तूफान एवं वज्रपात के समय निम्न सावधानियों को बरते व खुद को सुरक्षित रखने का आग्रह जिलावासियों से किया....

■ जब घर के भीतर हो तो बिजली से संचालित उपकरण से दूर रहें। तार वाले टेलीफोन का उपयोग न करें। खिड़की, दरवाजा, बरामद, व छत से दूर रहें। ऐसी वस्तुएँ जो बिजली की सुचालक है, उन से दूर रहें।

■ धातु से बने पाइप, नल, वाशबेसिन के संपर्क से दूर रहे। कपड़े सुखाने के लिए तार का प्रयोग न कर जूट या सूत की रस्सी का प्रयोग करें।

■जब आप घर से बाहर हो तो ऊंचे वृक्ष के नीचे न रहे। ऊंचे इमारत वाले क्षेत्र में आश्रय न लें। समूह में खड़े न रहे। पक्के मकान में आश्रय लेना बेहतर है।

■ सफर के दौरान अपने वाहन में ही बने रहे। मजबूत छत वाले वाहन में रहे, खुली छत वाले वाहन में सवारी न करें। बाहर रहने पर धातु से बनी वस्तुओं का उपयोग न करें। बाइक बिजली या टेलीफोन के खंभे, तार की बाड़, मशीन से दूर रहें।

■ तालाब व जलाशयों से दूर रहें। यदि आप पानी के भीतर हैं या किसी नाव में है तो तुरंत बाहर आ जाए। बारिश में धातु के डंडे वाले छाते का प्रयोग न करें।           

इस दौरान उपरोक्त के अलावा जिला आपदा प्रबंधन पदाधिकारी  राजीव कुमार, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी रोहित कुमार विद्यार्थी एवं संबंधित अधिकारी, वर्ल्ड विजन इंडिया के कर्मी आदि उपस्थित थे।

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