किसान मजदूर एकता दिवस के अवसर पर एआईकेएस ने किया समारोह का आयोजन।



कुंडहित (जामताड़ा) :मंगलवार को  कुंडहित के पूर्वांचल में चुटिया पड़ा (धानभस्का) में किसान- मजदूर एकता दिवस अखिल भारतीय किसान सभा जामताड़ा किसान काउंसिल के बैनर तले कुंडहित लोकल कमेटी के सचिव सुकुमार बाउरी एवं झारखंड राज्य किसान सभा के महासचिव साथी सुरजीत सिन्हा के नेतृत्व में एक समारोह का आयोजन किया गया।  विदित रहे कुंडहित की पूर्वांचल में उन दिनों महाजनी शोषण का काफी बोलबाला था स्थानीय महाजन, जोद्दार ,भूमि दलालों ने मिलकर स्थानीय गरीब आदिवासी की जमीन को कब्जा करके भयंकर शोषण चला रहे थे, इस जुल्म के विरोध में 1997 से वहां के किसान मजदूर गोलबंद होकर इस महाजनी शोषण के खिलाफ संघर्ष शुरू किए थे जो 2004 की 13 जुलाई को भयंकर लड़ाई के बाद जमींदारों एवं महाजनों को  पीछे हटना पड़ा था और वहां के गरीब आदिवासी एवं अन्य गरीब संप्रदाय के लोगों ने अपने जमीन पर अधिकार दखल किया था। उसी की स्मृति में हर वर्ष इसी 13 जुलाई को यहां किसान मजदूर- एकता दिवस मनाया जा रहा है। आज के इस दिवस पर मुख्य वक्ता सुकुमार बाउरी अपना जिला काउंसिल के अध्यक्ष लखी दी एवं किसान सभा के महासचिव सुरजीत सिन्हा ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा की लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है ।लड़ाई आगे भी जारी रखना होगा ताकि फिर से यहां महाजन एवं शोषक वर्ग गरीब आदिवासी तथा दलितों की जमीन पर कब्जा ना कर सके। आज के इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपस्थित आनंद बाउरी, रोबिन सोरेन ,माताल टुडु, गोलोक डोम ,जियालाल मिर्धा , लखी सोरेन ,चंदन पहाड़िया, बीरबल टूडू, सोना लाल मुर्मू, धणेश्वर किस्कु, बाबू जान हेमराम ,करना सोरेन, परिमॉल टूडू ,मीना सोरेन आदि उपस्थित थे।

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