छात्रवृत्ति पोर्टल शीघ्र चालू करने को लेकर छात्रों ने सरकार से लगायी गुहार।



देवघर- झारखंड सरकार के कल्याण विभाग द्वारा प्रदत्त छात्रवृत्ति योजना से इस आपदा प्रभावित वर्ष में बीएड सेमेस्टर 1 के छात्र वंचित हो गए हैं। ऐसा कल्याण विभाग व शिक्षा विभाग के अधिकारियों के ग़लत वलापरवाह रवैए के कारण हुआ है। इससे सूबे के पांच हजार से अधिक छात्र-छात्राओं का भविष्य प्रभावित हुई है, जिससे उनलोगों में सरकार के खिलाफ आक्रोश है। क्या है पूरा मामला : कोविड -19 वैश्विक महामारी के कारण इस वर्ष बगैर इंट्रेंस लिए कॉउंसिलिंग के आधार पर बीएड सेमेस्टर वन में 17 जून , 2021 तक नामांकन लिया गया । वहीं झारखंड सरकार की ई कल्याण पोर्टल 10 फ़रवरी , 2021 को ही कल्याण विभाग द्वारा बंद कर दिया गया है । देर से नामांकन लेनेवाले ऐसे छात्र छात्रवृत्ति फार्म भरने से ही वंचित रह गए । इतना ही नहीं कई छात्र जिसने छात्रवृत्ति फार्म भरा है । उनमें कई सारे छात्रों का पैनल और कई सारे विद्यार्थियों का डीए लेबल तक अप्रूव होने के बाद भी उन्हें छात्रवृत्ति नहीं मिली है । 

38 हजार प्रतिवर्ष मिलती है छात्रवृत्ति-

बताते चलें कि निजी बीएड कॉलेजों में दो वर्षीय बीएड कोर्स का फीस ओबीसी वर्ग के लिए 1,40,000हजार व एसटी / एसी छात्रों के लिए 1,35,000 हजार है । अन्य खर्च शामिल करने पर यह डेढ़ से पौने दो लाख तक चला जाता है । सरकारी कॉलेजों में फीस 90 हजार है , परंतु वहां सीट पर्याप्त नहीं रहने से सभी प्राइवेट कॉलेजों का रुख करते हैं । सरकार द्वारा बीएड के छात्रों को प्रतिवर्ष 38 हजार अर्थात दो वर्ष में 76 हजार छात्रवृत्ति प्रदान करती है । इससे मध्यम व निम्न वर्गीय परिवारों से आनेवाले छात्रों को काफी सहूलियत मिलती है । इस वर्ष ऊपर से प्राकृतिक महामारी और सरकार द्वारा छात्रवृत्ति नहीं देने से गरीब विद्यार्थियों को बीएड करने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

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