संस्कृत सीखने के प्रति झारखंड वासियों में विशेष उत्साह:डाॅ. ताराकांत शुक्ल



देवघर।संस्कृत भारती, झारखंड के द्वारा दिनांक 12 जुलाई से संस्कृत भाषा को सीखने का सुनहरा अवसर प्रदान किया जा रहा है।संस्कृत भारती, झारखंड के प्रान्ताध्यक्ष डाॅ.ताराकांत शुक्ल ने खास बातचीत के दौरान बताया गया कि 12 जुलाई को ऑनलाइन सरल  संस्कृत सम्भाषण वर्ग का भव्य उद्घाटन होगा जिसके लिए पञ्जीकरण की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।अब तक 1548 लोगों ने इसमें पञ्जीकरण कराया है जो संस्कृत पढने हेतु उनके उत्साह को दर्शाता है।प्रांतमन्त्री दीपचांद कश्यप ने हर्ष व्यक्त करते हुए बताया कि संस्कृत के प्रति लोगों का उत्साह संस्कृत भारती के कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरित करनेवाला है ।वर्तमान युवा पीढी को अपनी मूल भाषा , संस्कृति को अवश्य जानना चाहिए।इस ऑनलाइन सरल संस्कृत सम्भाषण वर्ग के सफल  संचालन के लिए झारखंड के प्रशिक्षण प्रमुख. चंद्रमाधव सिंह,  पृथ्वीराज सिंह रामगढ के डाॅ. सुनील कश्यप,  हजारीबाग के ओमप्रकाश गुप्ता,  पप्पु कुमार , प्रवीण,  बोकारो के  विनय कु. पाण्डेय,  हरिश्चन्द्र झा , धनबाद के ज्ञानेश जी , सर्वेश मिश्र देवघर के अजीत नारायण पाण्डेय,  गौतम राजहंस  एवं गणेश वत्स  इत्यादि तैयारी में जोर शोर से लगे हुए हैं।यह वर्ग 12 जुलाई 2021 से 21 जुलाई 2021 तक निःशुल्क  अनुभवी एवं योग्य  शिक्षकों द्वारा किया जा रहा है।इसमें  सभी आयु,वर्ग के लोग अपनी सुविधानुसार संस्कृत सीख सकें इस विषय को ध्यान में रखकर कक्षा का समय तीन भागों में बाँटा गया है। निश्चित रूप से यह सरल संस्कृत सम्भाषण वर्ग यहाँ के संस्कृत प्रेमियों के लिए लाभदायक साबित होगा।

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