पेड़ पौधों के बिना मानव जीवन की कल्पना ही नहीं की जा सकती---विधानसभा अध्यक्ष



नाला (जामताड़ा)--यह बातें नाला प्रखंड अंतर्गत मरालो  वन रोपण स्थल पर आयोजित 7252 महोत्सव कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में झारखंड विधानसभा अध्यक्ष रविंद्र नाथ महतो ने कहा। मालूम हो कि वन पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग झारखंड सरकार के जामताड़ा वन प्रमंडल की ओर से सोमवार को 72 वां वन महोत्सव कार्यक्रम आयोजन किया गया था।इस भव्य कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर झारखंड विधानसभा अध्यक्ष रविंद्र नाथ महतो मौजूद मालूम हो कि उनके आगमन होते ही आयोजक समिति एवं स्थानीय प्रशासन की ओर से उनका भव्य स्वागत किया गया वहीं आदिवासी पारंपरिक नृत्य और  गीत के साथ उनका अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि पेड़ पौधा के बिना मानव जीवन की कल्पना ही नहीं की जा सकती। कहा कि वर्तमान कोरोना काल में पूरी दुनिया ऑक्सीजन के संकट से जूझ रहा था जिसका मूल स्रोत पेड़ पौधा है ।कहा हम तमाम लोगों को चाहिए कि पेड़ पौधा रहित भूमि पर पौधारोपण करें ।कहा कि पेड़ पौधे के महत्व को समझने चाहिए पेड़ पौधा हमारे धर्म नीति के योगदान में भी महत्वपूर्ण योगदान रखती है यह परिवार के आय स्रोत में भी दुगनी लाभ देती है उन्होंने ऑक्सीजन की महत्ता के अलावा इमारती लकड़ी तथा औषधीय गुणों के बारे में भी प्रकाश डाला कहा कि पेड़ पौधा के बिना पर्यावरण का संतुलन बिगड़ जाएगा पेड़ पौधा हमारी धरोहर है यह पीढ़ी दर पीढ़ी काम आता है कहा कि समय रहते नहीं चेते तो आने वाला पीढ़ी संकट में पड़ जाएगा उन्होंने कहा कि प्रकृति के दोहन करने से रोकना होगा वरना आने वालेदिनों में मानव जीवन के लिए घातक सिद्ध होगी आपकी आवश्यकता से अधिक प्रकृति का उपयोग करने पर संकट छा जाएगा।कहा कि मानव अपने चंद स्वार्थ के खातिर प्रकृति का दोहन करते हैं जिसे हमें रोकना है और जागरूकता लाना होगा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए क्षेत्र मुख्य वन संरक्षक सतीश चंद्र राय ने कहा कि 1950 में वन महोत्सव शुरू हुआ , जबकि तभी के समय में जनसंख्या भी कम थी परंतु महामानवों ने दूरदर्शिता के कारण उस समय ही वन संरक्षण और इसके बचाव को लेकर चिंतन किया था जो कि आज के परिपेक्ष्य में इसकी महत्ता काफी है वे लोग जानते थे कि एक दिन वन समाप्त हो जाएगा तो हमारा जीवन भी समाप्त हो जाएगा।कहा कि वन प्रकृति की सबसे बड़ी देन है। यह ऑक्सीजन  का स्रोत है जिसे हमें बरकरार रखना चाहिए। उन्होंने भी कहा कि लोगों की मानसिकता ही ऐसी है कि पेड़ पौधा प्रकृति की देन है ,फ्री है जिसके फलस्वरूप लोग आज भी बिना सोचे समझे प्रकृति पेड़ पौधे का दोहन कर रही है जिसे हमें बचाने की आवश्यकता है और लोगों में जागरूकता लाने की आवश्यकता है।उपायुक्त फैज अक अहमद मुमताज ने भी पेड़ पौधे की महत्ता पर प्रकाश डाला और बंजर भूमि में वृक्षारोपण करने की बात कही इसके अलावा उन्होंने कहा की वर्तमान में कोरोना थर्ड वेभ आई है जिसको लेकर हमें सतर्कता एवं सावधानी बरतनी है। उन्होंने सभी लोगों को आगाह किया कि हम इनसे बचें और सर्वदा सोशल डिस्टेंस का पालन करें और मास्क का व्यवहार करें।उन्होंने भी सभी लोगों को पेड़ पौधों के संरक्षण तथा वृक्षारोपण के लिए  प्रेरित किया। इस अवसर पर जिला वन पदाधिकारी (पीएफओ) अजिंक्य बनकर ने जानकारी देते हुए बताया कि पूरे क्षेत्र में 163000 पौधारोपण करने का लक्ष्य है।उन्होंने भी पेड़ -पौधे की महत्ता पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम को उप विकास आयुक्त अनिलसन लाकड़ा ने भी संबोधित करते हुए पेड़ पौधे की महत्ता पर प्रकाश डाला और लोगों को अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने की अपील की। इस अवसर पर कार्यक्रम को अंचलाधिकारी नाला सुनीता किस्कु, विधायक प्रतिनिधि वासुदेव हांसदा,जय धन हांसदा, झामुमो के प्रखंड अध्यक्ष उज्ज्वल भट्टाचार्य ,आशीष तिवारी आदि सबों ने भी संबोधित किया। मौके पर मरालो पंचायत की मुखिया सबीना हांसदा,जिप प्रतिनिधि नदिया नंद सिंह,सलीम जहांगीर, जनार्दन भंडारी, भवसिंधु लायक, समीर मंडल साधन मंडल ,श्री कृष्ण सिंह, गुपिन सोरेन,के अलावे विधि- व्यवस्था में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी नाला मनोज कुमार झा , बिंदापाथर थाना प्रभारी भास्कर झा , नाला रेंजर प्रमोद कुमार सहित अन्य पुलिस पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद थे।

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