कुंडहित मनरेगा के तहत कार्य चल रही योजना में बिचौलिया हाबी।



कुंडहित (जामताड़ा):कुंडहित प्रखंड मे इन दिनों मनरेगा से संचालित योजना बिचौलिया हाबी है। योजनाओ एकरारनाम से निर्माण कार्य पूर्ण होने तक बिचौलिया निर्धारित करता है।

बता दे कुंडहित प्रखंड मे मनरेगा से सिंचाई कूप, सिंचाई नाली, पशु शेड, आम बागवानी, मिट्ठी मोराम सड़क जैसे विभिन्न योजनाएं संचालित हो रही है। इन सभी योाजनाओ में कहीं भी मानक के अनुरूप काम नही हुआ है। हर निर्माण कार्य बिचौलिया के माध्यम से जैसे तैसे पूर्ण किया जा रहा हैं। चाहे सिचाई कुप हो या सिचाई नाली मानक को आनदेखी कर बिचौलिया निर्माण कार्य पुरा कर सरकारी राशि को बंदरबाट किया जा रहा है। निर्माण कार्य जैसे तैसे पुरा करने के बाद अधिकारियो के साथ मिलीभगत कर योजनाओ का राशि बंदरवाट किया जाता है।

क्या है योजनाओ का मानक- मनरेगा योजना के तहत सिंचाई कुप निर्माण कार्य मे 35 फीट गहरा 15 फीट व्यास के साथ 15 इंच की जोड़ाई करने का प्रावधान है। लेकिन प्रखंड क्षेत्र मे अधिकांश सिंचाई कुप 20 से 25 फीट तथा 15 इंच के जगह 10 इंच का दिवार जोड़ाई कर पुर्ण किया जा रहा है। वही सिचंाई नाली मे भी मानक के अनुसार न तो लम्बाई है और न ही निर्माणा कार्य गुणवर्तापूर्ण किया गया है। वही पशु सेड निर्माण कार्य मे अधिकांश सेड़ निर्माणा कार्य पुरातन दिवार मे ही पूर्ण दिखाया गया है।

क्या कहते है पूर्व कुषि मंत्रि सत्यानंद झा बाटुल ने बताया कुंडहित प्रखड मे भ्रष्टाचार चरम पर है। उन्होने बताया की कुंडहित प्रखंड में मनरेगा से जितने भी काम हुआ उन सभी योजनाओ को स्वतत्र एजेंसी के द्वारा जांच कराना चाहिए ताकी जनता को पता चले की जनता के टैक्स के पैसा का किस तरह से लूट खसोैट हो रहा है। बताया की यंहा बिना काम के ही मास्टर रोल निकाला जाता है। उन्होने खजुरी पंचायत में कई सारे आम बागवानी का उदाहरण देते हुए बताया की बागवानी में पौधे नही है, लेकिन बिचौलिया रोजगार सेवक  पंचायत सचिव के मिली भगत से योजना का मास्टर रोल निकल गया। यही नही खजूरी पंचायत में सिंचाई कूप सिंचाई नाली, पशु शेड निर्माण मानक के अनुरूप नही किया गयां। सिंचाई कूप में 15 ईंच की दीवार से जोडा़ई करने का प्राक्कलित किया गया है। वही उसमें 10 ईंच की दीवार से जोड़ाई किया जा रहा है।  

क्या कहते है अधिकारी सहायक अभियंता सह बीपीओ निखिल साह ने बताया खजुरी पंचायत के तपन कुमार घोष के सिंचाई कुप निर्माण कार्य जमीन से ज्यादा उॅचाई तक जोड़ाई किया गया था। जहां तीन फीट के बाद दिवार को तोड़ दिया गया है। निर्माण कार्य मे काम के अनुसार भुगतान किया जायेगा।

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