गृह जिला स्थानांतरण के पक्ष में सभी शिक्षक संगठनों ने दिया कमेटी को सुझाव गृह जिला स्थानांतरण का सपना पूरा होगा-दिलीप



देवघर / शिक्षक स्थानांतरण नियमावली 2019 में आवश्यक संशोधन कर गृह जिला स्थानांतरण का  रास्ता निकालने के लिए माध्यमिक शिक्षा निदेशक के नेतृत्व में गठित कमेटी की पहली बैठक 19 जुलाई को रांची में सम्पन्न हुई। कमेटी ने झारखंड राज्य के शिक्षक संघों से  गृह जिला स्थानांतरण से संबंधित सुझाव की मांग की थी। पहली बैठक में भाग लेने वाले सभी शिक्षक संगठनों ने गृह जिला स्थानांतरण का समर्थन करते हुए अपना-अपना सुझाव कमेटी के सदस्यों के सामने प्रस्तुत किए । गृह जिला स्थानांतरण का समर्थन करने के लिए एकीकृत गृह जिला स्थानांतरण शिक्षक संघ के प्रदेश प्रभारी दिलीप कुमार राय ने सभी शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब निश्चित रूप से गृह जिला स्थानांतरण के लिए रास्ता निकलेगा।

उच्च स्तरीय कमेटी एवं सरकार से निवेदन होगा कि ऐसे सुझावों को स्थानांतरण नियमावली में शामिल किया जाए ताकि सभी शिक्षकों को गृह जिले में स्थानांतरण का एक मौका अवश्य  मिले।

विभिन्न प्रकार के दांव-पेंच को समाप्त करते हुए स्पष्ट नियमावली तैयार हो ताकि शिक्षकों को फिर से आंदोलन नहीं करना पड़े। जब तक शिक्षक निश्चिंत होकर कार्य करने की स्थिति में नहीं होंगे तब तक शिक्षा व्यवस्था में अपेक्षित सुधार संभव नहीं होगा। गृह जिला स्थानांतरण की मांग करने वाले शिक्षकों की संख्या बहुत कम है माननीय मुख्यमंत्री महोदय हेमंत सोरेन जी चाहें तो नियमावली को शिथिल करते हुए एक मौका सभी शिक्षकों को दे सकते हैं जिससे यह समस्या का समाधान आसानी से हो सकता है।  माननीय मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन भी गृह जिला स्थानांतरण को लेकर गंभीर हैं इसी वजह से कमेटी का गठन कर स्थानांतरण नियमावली 2019 में आवश्यक संशोधन का निर्देश दिए और बैठक कर सुझाव आमंत्रित किया गया। अगस्त माह में कमेटी शिक्षा विभाग को रिपोर्ट सौंप सकती है।

  मुझे पूरी उम्मीद है कि अगर सरकार गृह जिला स्थानांतरण के मुद्दे का समाधान कर देती है तो अन्य मुद्दों का भी समाधान हो जाएगा।  आज सैकड़ों शिक्षक अपने राज्य में ही अपने गृह प्रखंड से 200-600 किमी दूर पदस्थापित हैं और अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। अगर शिक्षक गृह जिले में कार्यरत होंगे तो अभी की स्थिति से बेहतर स्थिति में होंगे और बेहतर प्रदर्शन कर पाएंगे।

माननीय युवा मुख्यमंत्री इस मुद्दे का समाधान आसानी से कर सकते हैैं ऐसा हम शिक्षकों को उम्मीद है। 

हम सभी झारखंड के हैं और झारखंड राज्य के हीत में हमारी मांगों पर विचार किया जाना चाहिए । गृह जिला स्थानांतरण के मुद्दे को हल करने के लिए सिर्फ नियमावली में आंशिक संशोधन की आवश्यकता है, हम शिक्षकों के मुद्दे का समाधान करने के लिए सरकार को अलग से वित्तीय प्रबंधन नहीं करना होगा, सरकार पर किसी तरह का वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा।

आज भी कई लोग कहते हैं गृह जिला स्थानांतरण संभव नहीं है  लेकिन मुझे एवं हमारे शिक्षकों को माननीय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर पूरा विश्वास है कि हम सभी को गृह जिला स्थानांतरण का लाभ जरूर मिलेगा।

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