महान क्रांतिकारी बटकेश्वर दत्त का पुंयतिथि पर याद किए गये!



मधुपुर 20 जुलाई : स्थानीय राहुल अध्ययन केन्द्र में महान क्रांतिकारी बटुकेश्वर दत्त के पुण्यतिथि पर याद किये गये । मौके पर उनकी तस्वीर पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किया गया । मौके पर जनवादी चिंतक धनंजय प्रसाद ने विस्तार पूर्वक चर्चा करते हुये कहा कि बटुकेश्वर दत्त देश के महान क्रांतिकारियों में से एक जिन्होनें देश के लिए फाँसी के फंदे को चूम लिया । वे भगतसिंह के साथ मिलकर सेन्ट्रल एसेम्बली में बम फेका था ताकि बेहरों को सुनाना था । इस मामले में भगत सिंह को फाँसीहुई और उन्हें काला पानी की सजा । 6 साल बाद जेल से मुक्त हूये और देश की आजादी के लिए फिर से जुट गये और देश को आजाद कराकर ही चैन का सांस लिये । वे गौरे अंग्रेजो से तो जीत गये पर भूरे स्वदेशी अंग्रेजों के समक्ष हार गये । आजादी के इस नायक अपने ही देश में घोर अपमान सहना पड़ा । उन्हैं अपने जीवन जीने के लिए जद्दोजहद करना पड़ा । पेट पालने के लिए काफी मशक्कत करना पड़ा । उनका अंतिम कष्टसे बीता उचित इलाज के आभाव में जान गई । यह विंडम्बना नही तो क्या है ? देश के लिए मर मिटने वाले को अपमान और देश को लूटने वाले को सम्भान । ऐसै में महान क्रांतिकारी का पुण्यतिथि पर याद आना लाजिमी है । अन्य कई लोगो ने श्रद्धासुमन अर्पित किये!

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