गायत्री परिवार के तत्वाधान में पांच कुंडीय महायज्ञ का आयोजन



सारठ : गुरु पूर्णिमा के मौके पर शनिवार को गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वाधान में सारठ चौक स्थित रामचरितमानस आश्रम में पांच कुंडीय गायत्री महायज्ञ का आयोजन किया गया। जिसमें शांति कुंज हरिद्वार के प्रतिनिधि सुराज कुमार के नेतृत्व में हवन किया गया और पूजन के पश्चात महाप्रसाद का वितरण के साथ महायज्ञ सम्पन्न हो गया। वहीं इस संदर्भ में बीते शुक्रवार की संध्या को पूरे विधि-विधान से दीप यज्ञ भी किया गया था, जिसमें 251 दीप जलाया गया और शनिवार के महायज्ञ को लेकर कलश की स्थापना की गई थी। पंडित सुराज कुमार ने प्रवचन के माध्यम से लोगों को गायत्री मंत्र की महिमा और गुरु की महत्ता के बारे में बताया। कहा कि गायत्री मंत्र के जाप से मन पवित्र हो जाता है और मानव में अहंकार खत्म हो जाता है। कहा कि मनुष्य का सबसे बड़ा दुश्मन उनका अहंकार होता है, जबकि पवित्रता मनुष्य को महान बनाता है और शांति प्रदान करता है, जो हमें गायत्री मंत्र से प्राप्त होती है। कहा कि जब मन पवित्र होता है तो मानव में सद्बुद्धि जागृत होती है। शनिवार को यज्ञ में हवन को लेकर श्रद्धालुओं की काफी भीड़ देखी गई और सबों ने कोरोना महामारी के प्रकोप से मुक्ति के लिए भी हवन किया। कार्यक्रम को सफलता पूर्वक सम्पन्न  कराने में गायत्री परिवार के मनोरंजन सिंह, शशांक शेखर सिंह, संत रामदास, विनोद सिंह, शिवशंकर मंडल, राजेश राजहंस, प्रमोद मंडल आदि ने भी काफी सहयोग किया।

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