एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट को लेकर मधुपुर अनुमंडल पदाधिकारी को सौंपा ज्ञापन।



देवघरः बीते सोमवार को रांची कोर्ट के अधिवक्ता मनोज झा की हत्या एवं बुधवार को धनबाद के जिला जज उत्तम आनंद के मौत की घटना के बाद अधिवक्तागण अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रहे है, इस संदर्भ में झारखंड स्टेट बार काउंसिल, राँची के निर्देशानुसार आज शुक्रवार को प्रदेश के सभी अधिवक्ता न्यायिक कार्यो से अलग रहे। मधुपुर अधिवक्ता संघ द्वारा झारखंड के मुख्यमंत्री के नाम अनुमंडल पदाधिकारी सौरव कुमार भुवानिया को एक ज्ञापन सौंपागया, जिसमें राज्य भर में अधिवक्ताओं के खिलाफ हिंसा के बढ़ते मामलों के बारे में अत्यधिक चिंता जताने के साथ-साथ अधिवक्तागण को अपने पेशेवर कर्तव्यों के निर्वहन में गंभीर बाधाएँ उत्पन्न हो रही हैं। इसलिए मधुपुर बार एसोसिएशन अधिवक्ताओं की सुरक्षा के लिए एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट कानून लागू करने और इस कानून के कार्यान्वयन में तेजी लाने का अनुरोध करता है, ताकि अधिवक्ता अपने पेशे को आगे बढ़ाने और न्याय के लिए अपनी सेवाएं स्वतंत्र रूप से और प्रभावी ढंग से प्रदान कर सकें। मौके पर संघ के अध्यक्ष सुनील कुमार, उपाध्यक्ष विन्देश्वरी प्र.शाही, महासचिव प्रमोद कुमार राय, प्रशासनिक सचिव जितेन्द्र कुमार, अनिल सिंह, डोमन प्र.यादव, श्याम सुंदर भैया, महेन्द्र सिंह, दिनेश चौधरी, नवल किशोर सिंह, समरेश सिंह, संजय बारी, किंकर यादव, प्रमोद कुमार, पंचम राय, माखन राउत, धनंजय प्रसाद, कृष्ण कु.सिन्हा, संजय शरण, नरेश महतो, मो.नसरूल, बाकर हुसैन, धनंजय शाही, रामविलास कुमार, इकबाल अली, सरोज कुशवाहा, निसार अहमद, सोहेल अख्तर, एच.के.लाला, पूरन महतो, सुधांशु शेखर, सदानंद भैया, समरेश कुमार, जियानंद महतो, गोपाल सिंह, प्रदीप भोक्ता, मोहन राय, उमेश शाही, रूपेश नारायण सिन्हा, सचिदानंद वर्मा, केशव तिवारी, बालकिशोर दास, अवधेश सिंह, दीपक कुमार, नंदकिशोर शर्मा, पी.एम.जिलानी, गणेश कु.यादव, रामचन्द्र राय, मो.रिजवान, महेश पंडित, अनिल कुमार, उमेश सिंह सहित दर्जनों अधिवक्ता उपस्थित थे।

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