ऑनलाइन क्लास की वजह से छोटे-छोटे बच्चों की आँखे हो रही खराब।



देवघर- डॉक्टरों की माने तो 16 साल से कम उम्र के बच्चों को मोबाईल फोन से दूर रखने की सलाह दी जाती है। वहीं आज के समय में खास कर कोरोना काल में लगातार मोबाईल के उपयोग और स्क्रीन के एक्सपोजर के कारण बच्चों पर हानिकारक प्रभाव पड़ रहा है। बच्चों पर एंड्रॉयड मोबाईल फोन के हानिकारक प्रभाव जैसे आँखो पर असर के साथ साथ ट्यूमर, ब्रेन एक्टिविटी में गड़बड़ी, शैक्षिक कार्यक्षमता के गड़बड़ी, दुर्व्यवहार, नींद में कमी, मानसिक स्वास्थ्य आदि गंभीर बिमारियाँ हो रही है। इस गंभीर समस्या को लेकर ब्लू झा ने सवाल खड़े कर दिए हैं। देवघर निवासी ब्लू जा ने सरकार से शिकायत करते हुए कहा कि कोरोना वायरस की वजह से छोटे-छोटे बच्चों का ऑनलाइन क्लास लिया जा रहा है। जिस वजह से छोटे-छोटे बच्चे घंटों एंड्रॉयड मोबाइल से क्लास करने को विवश है। बच्चों को क्लास करने में काफी कठिनाई होती है। साथ हीं बच्चों की आँखों पर बुरा असर पड़ रहा है। वर्तमान और भावी पीढी के लिए यह बहुत ही गंभीर विषय है। इस संदर्भ में ब्लू झा ने कहा कि उनके परिवार में ऐसे दो मामले सामने आ चुके हैं, जिसमें ऑनलाइन क्लास की वजह से बच्चों की आंखों में गंभीर असर हुआ है। वहीं ब्लू झां ने सरकार से इस एंड्रॉयड मोबाईल की समस्या का समाधान निकालने की माँग की है तथा सरकार से सवा किया है कि इसके जिम्मेदार कौन हैं। आपको बता दें कि यह समस्या सिर्फ ब्लू झा की नहीं है। आज लगभग हर घर में यही समस्या देखी जा रही है। कोरोना काल के पूर्व मोबाइल को बच्चों के लिए हानिकारक माना जाता था। आज वही बच्चे घंटों मोबाइल से चिपक कर ऑनलाइन क्लास कर रहे हैं। जाहिर सी बात है कि मोबाइल से निकलने वाली रेडिएशन सभी पर बुरा असर डालती है, जिसका दुष्परिणाम बच्चों में देखने को मिल रहा है। लेकिन कोरोना की वजह से सभी बच्चे घर पर ही है और चार-पांच घंटे ऑनलाइन क्लास करने के बाद होमवर्क भी एंड्राइड मोबाइल के माध्यम से पूरा करते हैं।

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