अरुण निर्झर को साहित्योदय साहित्य रत्न सम्मान!



मधुपुर: 22 जुलाई शहर की साहित्यिक फिजा को अपनी गजलें माध्यम से संगीत व गलती करने वाले शायर अरुण कुमार निर्झर को उनकी रचना-धर्मिता के लिए गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय साहित्य कला संगम,साहित्योदय द्वारा साहित्योदय साहित्य रत्न से सम्मानित क़िया गया।इस अवसर पर आयोजित एक सादे समारोह में संस्था के संस्थापक अध्यक्ष कवि पंकज प्रियम ने श्री निर्झर को साझा काव्यसंग्रह काव्यसागर मोमेंटो और सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया। काव्यसागर में अरुण निर्झर की गज़लें प्रकाशित हुई है।  श्री निर्झर शहर और आसपास के क्षेत्रों के जाने-माने शायर हैं। जिनकी नवभारत टाइम्स, दैनिक हिंदुस्तान,प्रभात खबर आदि कई पत्र-पत्रिकाओं में गजलें प्रकाशित हो चुकी हैं जिन्होंने बंगाल,बिहार और झारखंड के कई प्रमुख शहरों में अपनी गजलों के माध्यम से मधुपुर का नाम रोशन किया है। मौके पर साहित्योदय के संस्थापक अध्यक्ष पंकज प्रियम ने बताया कि अबतक 2 हजार से अधिक लोगों की ऑनलाइन और ऑफलाइन प्रस्तुति हैं और सैकडों सम्मान व प्रतियोगिता आयोजित हो चुकी है। वहीं एकल काव्यपाठ के 500 एपिसोड पूर्ण होने पर संस्था 5वां प्लेटिनम जुबिली समारोह मना रही है। साहित्योदय के विशेष पोएट्री जर्नलिज्म शो साहित्य संग्राम के भी 64 एपिसोड पूरे हो गए हैं। जिसमें दुनियाभर के श्रेष्ठ कवियों ने प्रस्तुति दी है।साहित्योदय कार्यक्रम को सफल बनाने में संजय करुणेश, डॉ रजनी चँदा, सीमा सिन्हा, गीता चौबे, सुजाता प्रिय, सुदेष्णा सामंत, किशोरी, सुरेंद्र उपाध्याय  आदि का योगदान सराहनीय रहा!

कोई टिप्पणी नहीं