राष्ट्रीय मत्स्य कृषक दिवस के अवसर पर उपायुक्त ने जिले को मछली पालन व मत्स्य उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी बनाने का किया आग्रहः-उपायुक्त



राष्ट्रीय मत्स्य कृषक दिवस के अवसर पर माननीय मुख्यमंत्री  हेमंत सोरेन द्वारा राँची में मत्स्य किसान प्रशिक्षण केन्द्र का नवनिर्मित भवन का उद्घाटन किया गया, जिसमें सूबे के माननीय कृषि मंत्री झारखण्ड, सरकार  बादल भी उपस्थित थें। इस दौरान माननीय मुख्यमंत्री एंव कृषि मंत्री द्वारा वीडियो काॅन्फ्रेसिंग के माध्यम से जिले के मत्स्य कृषकों से संवाद कर उनके द्वारा किये जा रहे कार्यों से अवगत हुए। साथ हीं मत्स्य विकास से संबंधित योजनाओं की जानकारी लेते हुए चल रहे योजनाओं का शत प्रतिशत आग्रह किया।

इसके अलावे कार्यक्रम को लेकर जिला मत्स्य कार्यालय, देवघर के परिसर में उपायुक्त सह जिला दण्डाधिकारी  मंजूनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में राष्ट्रीय मत्स्य कृषक दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान उपायुक्त ने जिले विभिन्न प्रखण्डों से आये हुए मत्स्य मित्रों, मत्स्य मित्रों, मत्स्य पालकों को संबोधित करते हुए कहा कि आज ही के दिन डा0 हीरालाल चौधरी तथा डा0 के0 एच0 अलखुनी महान मात्स्यिकी वैज्ञानिकों द्वारा आज के ही दिन मछलियोें के प्रेरित प्रजनन कार्य में सफलता प्राप्त करने की याद में मनाया जाता है। वर्तमान में मछलियों के प्रेरित प्रजनन के फलस्वरूप आज अण्ड बीज (स्पाॅन) की उपलब्धता सुनिश्चित हो पायी है तथा नीली क्रांति में एक महत्वपूर्ण कदम भी इसे माना जाता है। आगे उपायुक्त ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री की प्राथमिकता अनुरूप जिले में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने का हर प्रयास किया जा रहा है, ताकि आप सबों को आत्मनिर्भर व सशक्त बनाया जा सके। साथ हीं कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त ने मत्स्य कृषकों को मछली पालन, मत्स्य उत्पादन के क्षेत्र में जिले को अग्रणी बनाने का आग्रह करते हुए कहा कि इस वर्ष समय पर बारिस होने के कारण सभी जलकरों में पर्याप्त मात्रा में बीज संचयन करना सुनिश्चित करें, ताकि अधिक से अधिक मछली का उत्पादन जिले में सुनिश्चित किया जा सके। इसी कड़ी में जिले में सिकटिया तथा पुनासी जलाशय में केज विधि से मत्स्य पालन प्रांरभ किया गया है, जिससे विस्थापित परिवारों को रोजगार के नये साधन उपलब्ध हुए है। वहीं जिले के कुमैठा में रिसर्कुलेटरी एक्वाकल्चर सिस्टम के द्वारा सघन मत्स्य पालन किया जा रहा है। सरकार व जिला प्रशासन मत्स्य कृषकों के उत्थान हेतु सतत प्रयासरत है, ताकि उन्हें पूर्ण रूप से स्वावलंबी व आत्मनिर्भर बनाया जा सके। इसी उद्देश्य से राज्य के किसानें को 50 प्रतिशत अनुदान पर फीड उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ हीं उपायुक्त ने  प्रधानमंत्री मत्स्य संम्पदा योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील करते हुए कहा कि सभी के सहयोग और बेहतर कार्यशैली से जिले में नीली क्रांति को शत प्रतिशत सफल बनाया जायेगा।

■ प्रधानमंत्री मत्स्य संम्पदा योजना के तहत विभिन्न लाभुकों के बीच लगभग 14 लाख के परिसम्पति का किया गया वितरण... 

इसके अलावे कार्यक्रम के पश्चात उपायुक्त सह जिला दण्डाधिकारी मंजूनाथ भजंत्री द्वारा प्रधानमंत्री मत्स्य संम्पदा योजना (PMMSY) के लाभुकों को कुल 14 लाख परिसम्पतियों का वितरण किया गया। इसके साथ ही प्रशिक्षित 30 लोगो को स्पाॅन, फिश फीड तथा फ्राई कैंचिंग नेट, 10 केज लाभुकों को पंगेशियस बीज, 4 मत्स्य कृषकों को नाव तथा 7 मत्स्य विक्रेताओं को कटिंग टुल्स का वितरण किया गया। साथ हीं 2 मत्स्य कृषकों को तीन चक्का वाहन आईस बाॅक्स के साथ ई-रिक्शा तथा 6 लोगो को मोटर साईकिल, आईस बाॅक्स के साथ अनुदान स्वरूप प्रदान किया गया। वहीं RAS के लाभुक को 50 हजार देशी मांगुर के बीज उपलब्ध कराए गये है। इस अवसर पर उपरोक्त के अलावे जिला मत्स्य पदाधिकारी प्रशांत कुमार दीपक विभाग के पदाधिकारी के रूप में  रमेन्द्रनाथ सहाय, मत्स्य प्रसार पदाधिकारी,  राकेश कुमार, मत्स्य प्रसार पर्यवेक्षक एवं विभिन्न प्रखण्डों के मत्स्य कृषक आदि उपस्थित थे।

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