सारठ पुलिस अनुमंडल कार्यालय पहुंचकर डीआईजी ने की सभी थाना के कांडों की समीक्षा



सारठ : गुरुवार को सारठ पुलिस अनुमंडल पहुंचे दुमका के पुलिस उपमहानिरीक्षक सुदर्शन प्रसाद मंडल ने पांच घंटे तक क्षेत्र के सभी थानों के आपराधिक व अन्य मामलों की समीक्षा की। बैठक के दौरान डीआईजी ने सारठ पुलिस अनुमंडल क्षेत्र के चितरा ,खागा, पालोजोरी, सारठ एवं पथरड्डा थानों के सभी लंबित मामलों की बारी-बारी से अवलोकन कर उसे निष्पादन करने हेतु कई आवश्यक दिशा निर्देश दिए। वहीं पत्रकारों से बात चीत के दौरान उन्होंने बताया कि वर्तमान में साइबरअपराध पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती है, जिस पर पुलिस गम्भीरता पूर्वक कार्य कर रही है और परिणाम स्वरूप कमी भी आई है। वहीं उन्होंने बताया कि पुलिस इस पर अंकुश लगाने का हर संभव प्रयास कर रही है, लेकिन सिर्फ पुलिस की कार्रवाई से पूर्ण पाबंदी संभव नहीं लगता है, इसके लिए सामाजिक जागरूकता भी आवश्यक है। सामाजिक जागरूकता से ही ऐसे अपराधों पर काबू पाना संभव होगा और सरकार  समेत अन्य संस्थाएं भी सामाजिक स्तर पर कार्य करे। उन्होंने बताया कि जब तक आम आदमी जागरूक होकर स्वयं जिम्मेदार नहीं बनेंगे तब साइबर अपराध पर पूर्ण नियंत्रण सम्भव नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि साइबर अपराध के द्वारा शॉर्ट कट तरीके से कम समय मे अधिक पैसा कमाने के लिए बहुत अधिक संख्या में युवा इसको अपनाते जा रहे हैं इसके लिए कई तरह के अलग अलग हथकंडे अपनाकर लोगों को झांसे में ले लेते हैं, जिससे कई बड़े बड़े अधिकारी डॉक्टर इंजीनियर नेता अभिनेता भी इसके शिकार हो चुके हैं। वहीं उन्होंने इसके लिए सख्त कानून बनाए जाने एवं साइबर अपराधियों को अधिक से अधिक सख्त सजा देने की आवश्यकता पर भी बल दिया और कहा कि अपराधियों में ख़ौफ़ पैदा होना भी जरूरी है। वहीं सभी थानों की लंबित मामलों के जांचोपरांत मामलो के निष्पादन में कई खामियां पाई गई। 



कई पुलिस अधिकारियों द्वारा नियम के विरुद्ध कार्य किया जा रहा था जिससे कई मामलों का निष्पादन नहीं हो पा रहा था। उन्होंने सभी पुलिस अधिकारियों को आवश्यक टिप्स देते हुए नियमानुसार कार्य करने की सलाह दी। वहीं सबसे बेहतर कार्य करने के लिए खागा थाना के पुलिस कर्मियों की प्रशंसा करते हुए बताए कि कम संसाधन में भी अच्छा कार्य किया जा सकता है, यदि कार्य के प्रति निष्ठा और वफ़ादारी रहे। उन्होंने एक दो थाने के थाना प्रभारियों के कार्य मे शिथिलता देखते हुए कड़ी फटकार लगाकर उसमें सुधार करने का भी निर्देश दिया। वहीं सड़को एवं बाजारों में अपराध नियंत्रण हेतु दिवा, संध्या एवं रात्रि गश्ती बढ़ाने का निर्देश देते हुए सारठ एवं पालोजोरी थानों को बाजार क्षेत्र में पैदल एवं वाहन गश्ती बढ़ाने की बात कही। ईसीएल द्वारा देवघर एवं जामताड़ा जिले के कई थानों में वाहन मिलने सारठ एवं पथरड्डा थानों को इसीएल द्वारा वाहन नहीं मिलने  के बारे में उन्होंने इसके लिए लोकल अधिकारियों को पहल करने की बात कही। अन्त में उन्होंने बताया कि पुलिस हर पहलुओं के आधार पर अपराध नियंत्रण का प्रयास कर रही है।आपराधिक समीक्षा के दौरान देवघर एसपी धनन्जय कुमार सिंह, सारठ एसडीपीओ आमोद नारायण सिंह मधुपुर एसडीपीओ बिनोद कुमार रवानी, सारठ अनुमंडल क्षेत्र के सभी थानों के थाना प्रभारी समेत कई पुलिसकर्मी मौजूद थे।

कोई टिप्पणी नहीं