अपने सुख-चैन का त्याग कर दूसरों की भलाई के लिए काम करने वाले चिकित्सकों के जज्बे को सलाम:- उपायुक्त



नेशनल डॉक्टर्स डे के अवसर पर उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजंत्री ने कहा कि अपने सुख-चैन का त्याग कर दूसरों की भलाई के लिए काम करने वाले जज्बे को सलाम। वर्तमान में ये कहना अतिश्योक्ति नहीं होगी कि चिकित्सकों का हमारे जीवन में काफी महत्व है। या यूं भी कह सकते हैं कि हमें स्वास्थ्य रखने में डॉक्टरों की बड़ी भूमिका होती है। अपने सुख-चैन को त्याग कर दूसरों की भलाई के लिए काम करते हैं। आज कोरोना संकट में हमारे लिए अपनी जान की परवाह किये बिना जिस तरह वो अपना कर्तव्य निभा रहे हैं, वो समाज के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।

आज डॉक्टर्स डे पर एक छोटी सी पहल करते हैं। अपने आसपास के डॉक्टर्स, स्वास्थ्यकर्मियों का धन्यवाद और अभिवादन करते हैं।

ज्ञात हो कि भारत में डॉक्टर्स डे की शुरुआत 1991 में की गई थी। तब से हर साल 1 जुलाई को नेशनल डॉक्टर्स डे मनाया जाता है। भारत के महान चिकित्सक और पश्चिम बंगाल के दूसरे मुख्यमंत्री डॉ. बिधानचंद्र राय को सम्मान और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए यह दिवस मनाया जाता है। डॉ. राय को भारत रत्न से भी सम्मानित किया गया था। उनके जन्म दिवस को डॉक्टर्स डे के रूप में मनाया जाता है। जिसका एकमात्र उद्देश्य स्वास्थ्य क्षेत्र में उनके योगदान और कार्यों की सराहना करना और उनके प्रति सम्मान व्यक्त करना हैं।

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