कुंडहित स्वास्थ्य केन्द्र में जून माह मलेरिया रोधी माह के रूप में मनाया जाएगा इसके लिए लोगो को जागरूकता किया गया l



कुंडहित (जामताड़ा ):कोरोना संकट के बीच मलेरिया की आशंका को देखते हुए जून को मलेरिया रोधी माह के रूप में मनाया जा रहा है। इसके तहत लोगों को मलेरिया से बचाव के संबंध में जागरूक किया जाएगा। 

कुंडहित स्वास्थ्य केन्द्र द्वारा बताया कि कोरोना संक्रमण के साथ ही मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया से भी सजग रहना होगा। इसी के मद्देनजर से 30 जून तक मलेरिया रोधी माह मनाया जाएगा। इससे कि आने वाले महीनों में मलेरिया की रोकथाम हो सके |

मलेरिया के बारे में स्वास्थ्य केन्द्र द्वारा बताया कि

मलेरिया प्लाज्मोडियम वाइवैक्स परजीवी से होने वाली बीमारी है। यह मादा एनेफिलीज मच्छर के काटने से होती है। यह मच्छर साफ बहते हुए पानी में पनपते हैं। आमतौर पर सूर्यास्त के बाद काटते हैं। कुछ मरीजों में मलेरिया अंदर ही अंदर बढ़ता रहता है। ऐसे में बुखार ज्यादा न होकर कमजोरी आने लगती है। एक स्टेज पर मरीज में हीमोग्लोबिन की कमी हो जाती है। इससे वह एनीमिक (खून की कमी) हो जाता है। साथ ही साथ स्वास्थ्य कर्मियों ने मलेरिया के मलेरिया के लक्षण कुछ लक्षण बताते हुए कहा कि

संक्रमित व्यक्ति के सिर में तेज दर्द होता है।उल्टी या मितली आने लगती है।तेज बुखार आता है।ठंड या कंपकंपी लगती है।बुखार लंबे समय तक बना रहता है।थोड़ी-थोड़ी देर में प्यास लगती है।हाथ और पैर में ऐंठन बनी रहती है।थकान और कमजोरी महसूस होती है।घबराहट और बेचैनी का अनुभव होता है।

मलेरिया से बचने के उपाय

अपने आसपास कहीं पर भी पानी इकट्ठा न होने दें।बारिश होने से पहले घर की छत पर पड़े टायर या फिर गमलों को पूरी तरह से ढक दें।कूलर के पानी को नियमित रूप से बदलते रहें।

घर के फर्श और आसपास को फिनाइल जैसे कीटाणुनाशक से साफ करते रहें।रात को सोते समय मच्छर मारने वाली क्वाइल या फिर मच्छरदानी लगाकर सोएं।बारिश के दिनों में हाथ और पैर पूरी तरह से ढकने वाले कपड़े पहनें। मौके पर अरूप मंडल , ईमरान खान , बाबन चक्रवर्ती , मिनाल सिंह आदि उपस्थित थे

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