कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने सांसद निशिकांत दुबे द्वारा एम्स का उद्घाटन रोकने को दुखद, निंदनीय और शर्मनाक बताया।



देवघर- शुक्रवार को देवघर एम्स का वर्चुअल उद्घाटन कार्यक्रम को गोड्डा सांसद द्वारा केंद्रीय स्वास्थ मंत्री के माध्यम से रोक लगवा देना यह काफी दुखद, निंदनीय और शर्मनाक है। यह बात प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से देवघर जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुन्नम संजय ने कहा। श्री संजय ने आगे कहा कि प्रजातंत्र में चुने हुए जनप्रतिनिधि अपने जनता के हित में अपना हर कुछ त्याग कर निस्वार्थ भावना से कार्य करते हैं। ऐसे में गोड्डा सांसद अपने अहंकार एवं तानाशाह रवैया अपनाते हुए एम्स जैसे महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संस्थान में ओपीडी का उद्घाटन को धमकी भरे लहजे में रुकवाने का काम किया है। जिसे यहाँ की जनता कभी माफ नहीं करेगी और आने वाले चुनाव में इसका हिसाब चुकता करेगी। कोरोना जैसे महामारी में देश के जनता जूझ रहे हैं। स्वास्थ्य सुविधाऐं कम पड़ गई हैं। ऐसे में एम्स जैसे राष्ट्रीय लेवल का संस्थान में लोगों का ईलाज होना नसीब हुआ था। उसे रोककर सांसद बहुत बड़े जनता का गुनहगार बने। उद्घाटन रोकने से लाखों लोगों का ईलाज प्रभावित हुआ। आज संस्थान में 24 स्पेशलिस्ट डॉक्टर बैठे हुए हैं और ऐसे में यहां के लोगों का उनसे स्वास्थ्य लाभ नहीं मिल पाना यह दुर्भाग्य की बात है। यह संस्थान किसी सांसद के वेतन से नहीं बना है। लोगों की गाढ़ी कमाई से उनके द्वारा दिए गए टेक्स की राशि से बना है। इस पर आम जनता का अधिकार है न की सिर्फ सांसद का । बार-बार सांसद द्वारा नरेंद्र मोदी के द्वारा ऐम्स और ऐयरपोर्ट को सौगात देने की बात पर कहना चाहूंगा कि देवघर में एयरपोर्ट और ऐम्स डॉ मनमोहन सिंह की सरकार की देन है। एम्स में तत्कालीन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और स्वास्थ्य मंत्री स्वर्गीय राजेंद्र सिंह के प्रयास को भी भुलाया नहीं जा सकता। आज जब ओपीडी पूर्ण रूप से तैयार हो चुका है। कल से इस क्षेत्र के मरीज को इस कोरोना काल में ईलाज होना प्रारंभ होता। वहाँ अपने वर्चस्वता के लिए सांसद ने यह घिनौना कृत्य किया। संस्थान का जब भर्चुल उद्घाटन इस कोरोना काल में होना तय हुआ। जहां केंद्रीय मंत्री तथा राज्य के मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री वर्चुअल उद्घाटन कार्यक्रम में भाग लेने वाले थे। वहाँ गोड्डा सांसद को भी वर्चुअल रूप से भाग लेने में क्या आपत्ति थी। फोटो छपवाने के लिए लोगों के जान लेने पर उतारू होने वाले सांसद को यहां की जनता कभी माफ नहीं करेगी। सांसद के लिए राजनीतिक स्वार्थ के लिए कोविड-19 का नियम को तोड़ना कतई संभव नहीं है। जिस कदर राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एवं स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता के विशेष योगदान से एम्स और एयरपोर्ट का कार्य शीघ्रता से पूर्ण किया जा रहा है। ऐसे में उद्घाटन का खेल खेल कर लोगों की सुविधा से वंचित करने का पाप संसद के द्वारा किया जा रहा है। अगर कल एम्स का ओपीडी का उद्घाटन नहीं होता है तो देवघर जिला कांग्रेस माननीय मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री झारखंड सरकार से मांग करती है कि अविलंब ओपीडी को चालू किया जाए। लोगों को सुविधा देना प्रारंभ किया जाए। अन्यथा हम धरना प्रदर्शन के लिए वाध्य हो जाएंगें। गोड्डा सांसद से भी कहना चाहेंगे कि अपने अहंकारी नीति को त्यागें,तानाशाह रवैया से बाज आऐं और लोगों की जान बचाने में सहयोग करें। अगर ओपीडी का उद्घाटन नहीं होता है और इस परिस्थिति में ईलाज के अभाव में अगर लोगों की जान जाती है तो इसका सारा दोष आपके शर होगा। एम्स किसी सांसद का नहीं होता है। यह पूरे राज्यवासियों और पूरे देशवासियों का होता है। इसलिए इसका उद्घाटन का बाधक नहीं बने।यहाँ ईलाज प्रारंभ कराऐं अन्यथा 2024 में यहां की जनता आपकी ईलाज कर देगी।

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