एम्स उद्घाटन में सांसद कर रहे ओछी राजनीति:- फुरकान अंसारी



मधुपुर पूर्व सांसद फुरकान अंसारी ने अपने आवास पर प्रेस को संबोधित करते हुए कहा एम्स का 26 जून को उद्घाटन नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है।एक सांसद के ओछी राजनीति के वजह से मरीज वंचित रहेंगे इलाज के लिए ये सही कदम नहीं है।स्थानिय सांसद को मरिजों की फिक्र नहीं है उन्हें फ़िक्र है मैं उद्घाटन करुंगा कि नहीं निशिकांत दुबे का एम्स निर्माण में कोई योगदान नहीं।जिसका कोई हाथ नहीं होता किसी भी विकास कार्यों में वो श्रेय लेने के लिए ज्यादा परेशान रहता है वही काम दुबे जी कर रहे हैं। भाजपा के जितने नेता,सांसद और विधायक हैं वह सोचते हैं कि भारत सरकार से जो योजनाएं आती है वह भारतीय जनता पार्टी के फंड से बन रहा है और ये पैसा उनकी पार्टी का है।सरकारी योजनाओं में जो राशि खर्च हो रहा है वह देश के 130 करोड़ लोगों का पैसा है और इसमें देश की सभी लोगों का बराबर का हक है। गोड्डा के स्थानीय सांसद को मैं सलाह देना चाहता हूं मरीजों के प्रति दया रखें और उनकी कठिनाई को समझें देवधर में एम्स  कैसे बना और किस सरकार ने स्वीकृत किया है,आरटीआई के माध्यम से सभी ने सूचना प्राप्त कर लिया है इसलिए इस संबंध में ज्यादा ना बोले तो आपके राजनीतिक सेहत के लिए बेहतर होता।जहां तक प्रोटोकॉल का सवाल है स्थानीय सांसद और विधायक का नाम रहेगा ही इसमें हल्ला करने की क्या जरूरत है।उपायुक्त देवघर जो भी कर रहे हैं वह राज्य सरकार के आदेश का अक्षरसह पालन कर रहे हैं जो नियमानुसार है। उपायुक्त का अपना कोई निर्णय नहीं है।झारखंड के सरजमीं पर अगर कोई योजनाएं भारत सरकार से  बनती है तो उसमें राज्य सरकार को अनदेखा नहीं किया जा सकता है नहीं तो विवाद खड़ा होना स्वभाविक है।ज्ञात हो कि बिना राज्य सरकार के सहयोग के एम्स का निर्माण संभव नहीं हो सकता था।राज्य सरकार अपने राज्य की जनता के हित को देखती है।इसलिए मैं सांसद को कहना चाहता हूं कि इसमें अपनी ओछी हरकत से राजनीति चमकाने की कोशिश ना करें।आप एक सांसद हैं पर आपकी हरकत एक किरानी की हो गई है,कोई भी योजना हो राज्य या केंद्र का स्वास्थ्य हो या सड़क सभी में अपना नाम जोड़कर वाहवाही लूटने की कोशिश करते हैं!

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