बिधि विधान के साथ किया गया जमाई सष्टि पूजा।



कुंडहित(जामताड़ा)कुंडहित प्रखंड के अम्बा गांव में आज सम्पूर्ण बिधि बिधान के साथ जमाई सष्टि की पूजार्चना किया गया।बताते चले कि आज के दिन बंगाली समाज के लोग इस पूजा को त्योहार की तरह मनाते है।आज सभी साधिसुधा जोड़ी के लिये विशेष होता है।जिसमे माता सष्टि की पूजा की जाती है और सभी अपने अपने मन्नत माँ को बोलती है और ये भी मान्यता है कि माँ सबकी मनोकामना पूरी करती है।माता सष्टि की पूजा सामग्री में खास कर बांस की पत्तियां,आम,जामुन,खजूर,बताशा,खिरा,सफेद धागा,हल्दी और तेल आदि चढ़ाया जाता है।साथ ही जिन महिलाओं की मन्नत पूरी हो गयी है वो लोग अपना किया चढ़ावा चढ़ाते है।फिर साठ थान से माता सष्टि की पूजा करने के बाद सभी ओरतें एक दूसरे को सिंदूर लगाते है,उलुद्धनी देकर माँ को प्रसन्न करती है।उसके बाद घर लौटने के बाद अपने बच्चों को ओर नया साधी जोड़ी के दामाद या जमाई को प्रसाद दिया जाता है और उस सफेद धागा जिसे पूजा के समय तैयार किया जाता है हल्दी और तेल के साथ वो हल्दी धागा को कलाई में बांधा जाता है।साथ ही बंगाली में ऐसी मान्यता है आज के दिन नए साधी जोड़े को ससुराल बुलाया जाता है और  बेटी जमाई को नये अंग बस्त्र पहनाया जाता है।पर इस लॉकडाउन के वजह से इस वर्ष कोई गहमागहमी नही देखने को मिला।साथ ही बारिश के वजह से महिलाओं को पूजा करने जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

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