मरुस्थलीकरण से बचने के लिए वृक्षारोपण सर्वश्रेष्ठ विकल्प: संजय भारद्वाज

 


संयुक्त राष्ट्र मरुस्थलीकरण प्रतिरोध सम्मेलन (यू एन सी सी डी) के आह्वान पर 17 जून को मनाए जाने वाले विश्व मरुस्थलीकरण एवं सूखा रोकथाम दिवस के अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता तथा राजद नेता संजय भारद्वाज द्वारा अपने साथियों के साथ पौधारोपण किया गया। इस मौके पर भारद्वाज ने कहा कि उनके द्वारा झारखंड में बढ़ते मरुस्थलीकरण की समस्या के रोकथाम के उपाय कराए जाने के लिए वर्ष 2018 से लगातार आवाज उठाई जा रही है  लेकिन यह भी सच है कि जलवायु परिवर्तन की त्रासदी, भूमि-क्षरण, सूखा तथा मरुस्थलीकरण की समस्या से निपटने के लिए पौधारोपण का कोई विकल्प नहीं है।इसलिए आम जनता को भी धरती मां को बचाने के लिए आगे आना होगा और पारिवारिक वानिकी को अपनाते हुए अधिक से अधिक संख्या में ऐसे पौधों का रोपण करना होगा जिससे धरती के गर्भ में जल का भंडार बढ़े और सुरक्षित रहे तथा हमें ऑक्सीजन अधिक से अधिक प्राप्त हो सके। इसके लिए उन्होंने पीपल, बरगद, नीम, आम, जामुन, पाकड़, आंवला, अशोक, बेल, सहजन, कटहल,अमलतास तथा ऐसे ही अन्य फलदार और औषधीय पौधों को अधिक से अधिक लगाने और उनके बड़े होने तक परिवार के सदस्य की भांति देखभाल करने की वकालत की और भूगर्भ जल संरक्षण के लिए जन चेतना की जरूरत पर जोर दिया।

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