स्कूलों मे गाइडलाइन के आधार पर पढाई हो सकता है:पीताम्बर दास

 


देवघर:समाजसेवी सह प्रदेश यादव महासभा के अध्यक्ष पीताम्बर दास ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि पिछले  15  माह से कोरोना काल का भयंकर तांडव के कारण सबसे अधिक पीड़ा आम जनता को झेलना पड रहा है। इसके लिए लाॅकडाउन /अनलॉक आदि व्यवस्था के अंतर्गत कभी-कभी जनताओं को कुछ-कुछ राहत मिलती रही है।महामारी का द्वितीय संक्रमण अत्यधिक मात्रा से कष्ट हुआ। फिर लाॅकडाउन का घोषणा कर दी गई एवं कुछदिन उपरांत ऑनलक का भी निर्णय लिया गया है पर विडम्बना है कि स्कूली बच्चो ने अपने संपूर्ण बर्बादी को झेलते हुए अभीतक सरकार के निर्णय के साथ खाड़ी नजर आ रही है ।

सरकार समयानुसार अनलॉक को बढ़ाने का फैसला लेते रहते है कुछ खुला और कुछ बंद । आम जन मानस मे महामारी का जो गाइडलाइन दिया गया है उसमे निश्चित रूप से दो गज की दूरी और मास्क जरुरी जैसे बात मुख्य रूप से माना जाता है । वही अगर हम स्कुल और सेलुन के सम्बध  मे बात करे तो आसानी से समझना होगा कि बेहतर ढंग से स्कूलों मे गाइडलाइन के आधार पर पढाई हो सकता है, सानिटाईजेसन भी स्कूलों मे अति महत्वपूर्ण भूमिका होगी। हम इस बात को इसलिए कह रहे है कि ऑनलाइन और अफलाईन पढाई का अंनतरता को पुरे राज्य की विद्वान वर्ग, शिक्षाविद, बुद्धिजीवियों ने निश्चित रूप से विचार करेंगे । सभी राज्यवासी जानते है कि स्कुल अधिक समय बंद रहने के कारण छात्र- छात्राओं ने बर्वाद हुए एवं छोटे छोटे विद्यालय एवं उनके शिक्षक शिक्षिकाओं तथा संचालक भी अधिक कष्ट मे जीविका चलाने को मजबूर है । सरकारी विद्यालय के शिक्षक, शिक्षिकाओं को वेतन मिलता है पर गैर सरकारी स्कूलों मे खासकर छोटे छोटे विद्यालय सदा के लिए बंद होने के कगार पर पहुंच गया है । आखिर लम्बे  समय तक यह व्यवस्था नही चल सकता है । फिर कई विद्यालय ऐसे है कि जो किराया मकान पर चलता है । आज के तारीख मे यह विद्यालय किराया राशि भुगतान करने मे असमर्थ है । मकान मालिक को किराये  नही मिलने की स्थिति मे उनका कैसे-कैसे गुजारा होगा यह शोचनीय और विचारणीय विषय भी ।उन्होंने कहा कि उपरोक्त समस्त तथ्य को ध्यान पुर्वक विचार करना होगा और यदि भारतीय संविधान सब को जिने का अधिकार देती है तो हम सब पीड़ितों को भी जीने का हक है। अतः बच्चो को बर्वादी से , शिक्षण संस्थान को सदा के लिए बंद होने  से एवं छोटे छोटे विद्यालय के शिक्षक  शिक्षिकाओं को कठिन पीड़ा से बचाये ।हम केवल विनम्रता के साथ प्रार्थना करना चाहेंगे कि कृपाकर के उचित गाइडलाइन के साथ स्कुलो को खोलने का अनुमति प्रदान करे । यदि कठिनाई हो तब इसपर भी विचार करे कि:-

स्कुलो मे  गाइडलाइन के तहत कोचिंग पढ़ाने का अनुमति प्रदान करे ।यह शुभ कार्य को जुन  17 तारिख से प्रारम्भ करने का इजाजत  दिया जाए ।इस उचित कार्य हेतु अभिभावक एवं स्कुल प्रबन्धन का समझौता को मान्यता प्रदान करे ।यदि आप के नजर मे उपरोक्त सुझाव संभव नही होने का स्थिति उत्पन्न हो , तो फिर विनम्र निवेदन करना है कि कृपा इस प्रकार कि विद्यालय को आवश्यक सहायता राशि प्रदान करे।फिर से प्रार्थना करना चाहेंगे कि सरकार को  उपरोक्त विषय पर निर्णय लेने मे कठिनाई महसूस हो ,तो ऑनलाइन के अलावा पढाई के लिए अन्य विकल्प पर भी व्यवस्था दे ।वही किसी भी परिस्थिति मे स्कुलो को खोलने के लिए  अति आवश्यक दृष्टिकोण अपनाया जाए ताकि विद्यालय की सत्र जल्द से जल्द प्रारम्भ हो सके ।

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