पेयजल संकट से जूझ रहे हैं विक्रमपुर पंचायत अन्तर्गत बाघाशोला के ग्रामीण, महीनों से खराब है चारों चापाकल



कुंडहित (जामताड़ा) :गर्मी की दस्तक के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल समस्या विकराल होती जा रही है। जलमीनार और हैंडपंप शो पीस बनकर रह गए हैं। ऐसे में सरकार और विभाग का दावा छलावा साबित होता नजर आ रहा है। कुंडहित प्रखंड के विक्रमपुर पंचायत अन्तर्गत बाघाशोला गॉंव  में अभी से पेयजल संकट गहराने लगा है। गांव में लगा चारों हैंडपंप जवाब दे रहे हैं। ऐसे में ग्रामीण दूसरे गांव सटकी के एक कुएं से पानी लाने को मजबूर है। गर्मी से परेशान लोग पानी के लिए भटकने लगे हैं।बाघाशोला के ग्रामीण गीता राय, छाया राय, खांदी राय, नियति राय, चंदना राय, महावीर राय आदि ने बताया कि शीघ्र ही यदि पानी की समस्या का समाधान नहीं किया गया तो ग्रामीण दूषित पानी पीने को मजबूर होंगे। ग्रामीणों की मानें तो  गांव के सभी चापाकल दो महीने से खराब है। उक्त समस्या की जानकारी होने के बाद भी पेयजल एवं स्वच्छता विभाग कानों में तेल डाल कुंभकर्णी निद्रा में सोया हुआ है। जल संकट को दूर करने को लेकर वह गंभीर नहीं है। लोग परेशान हो रहे हैं। ऐसी परिस्थितियों में प्रशासन को भी ध्यान देना चाहिए। लोग किसी तरह प्यास बुझा रहे हैं।

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