अंतर जिला स्थानांतरण को लेकर राज्य स्तरीय ट्विटर आंदोलन



सारठ।अंतर जिला स्थानांतरण की मांग  को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए रविवार को राज्य स्तरीय ट्विटर आंदोलन चलाया गया। एकीकृत गृह जिला स्थानांतरण शिक्षक संघ द्वारा रविवार को सुबह 12बजे से 4 बजे तक ट्वीटर आंदोलन के तहत मुख्यमंत्री,शिक्षा मंत्री  को ट्वीट कर अंतर जिला स्थानांतरण की अपील की गई।सभी शिक्षकों ने अपने अंदाज में स्लोगन लिखकर अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए जल्द से जल्द गृह जिले में स्थानांतरित करने की मांग की।संघ के प्रदेश प्रभारी दिलीप कुमार राय ने कहा पूरे राज्य के सभी जिलों में पदस्थापित शिक्षकों द्वारा ट्विटर के माध्यम से मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री को अपील की गई।  सरकार ने स्थानांतरण में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए स्थानांतरण नियमावली में संशोधन हेतु माध्यमिक शिक्षा निदेशक की अगुवाई में कमेटी का गठन कर दिया है। लेकिन शिक्षकों का कहना है कि माननीय मुख्यमंत्री महोदय स्थानांतरण में बाधक नियम को शिथिल कर एक मौका दें जिससे आसानी से शिक्षक-शिक्षिकाएं गृह जिले में पहुंच पाएंगे।श्री राय ने कहा कि 23 दिसंबर 2019 को चुनाव नतीजे आने के बाद  माननीय हेमंत सोरेन ने जनता के प्रति आभार व्यक्त करते कहा था कि किसी की उम्मीद नहीं टूटने देंगे और झारखंड में नया अध्याय लिखेंगे। उन उद्देश्यों को पूरा करने का वक्त आ गया जिसके लिए झारखंड राज्य का निर्माण किया गया था।  29 दिसंबर 2019 को  हेमंत सोरेन के मुख्यमंत्री पद का शपथग्रहण करने के समय हम शिक्षक भी बहुत खुश थे कि अब हम सबों का गृह जिले में जाने का सपना जल्द साकार होगा। लेकिन आज तक ऐसा हो नहीं पाया। माननीय मुख्यमंत्री महोदय से निवेदन है कि एक बार शिक्षकों के अंतर जिले में स्थानांतरण के मुद्दे पर अपनी बात रखें ताकि शिक्षकों का संशय दूर हो सके। जो प्रक्रिया अपनाई जा रही है इसमें कितना वक्त लगेगा इसको लेकर शिक्षकों में व्याप्त संशय को दूर किया जाए।कोरोना सुरसा की तरह मुंह बढ़ाते जा रहा है ऐसे में इस विकट स्थिति को देखते हुए अंतर जिला स्थानांतरण जल्दी होना चाहिए।

वहीं दूसरी ओर सरकार ने ई नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू करने जा रही है नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने से पूर्व गृह जिले में स्थानांतरित करने से सभी जिलों में  रिक्त  पदों के अनुसार नई नियुक्ति से भरा जाए तो बेहतर होगा।इस ट्विटर आंदोलन को सफल बनाने में शिक्षक प्रेम प्यारे लाल, दीपक कुमार, कौशल्या कुमारी,माधुरी पांडेय,अमित कुमार सोनू, संतोष झा, कुंदन शाही, नूनु लाल बास्की, बिनोद कुमार सिंह, सुरेश वर्मा, पूर्ण चंद्र मंडल, ललन कुमार दास, प्रदीप कुमार, त्रिवेणी रजक,  समीम जावेद, रूपलाल महतो, कपूर महतो, सुधीर कुमार सिंह, विनिता शर्मा समेत सैंकड़ों शिक्षक- शिक्षिकाओं अपनी आवाज बुलंद की।

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