यास तूफान और लगातार हो रहे हवा और पानी ने मिटा दिया स्टेशन का नामोनिशान

 


देवघर।आसनसोल मंडल रेल के जसीडीह रेलवे स्टेशन पर हो रहे सुंदरीकरण के प्रगति का पोल खोलकर यास तूफान और लगातार हो रही बारिश ने रख दिया ।इस संदर्भ में बाजार के लोग एवं रेल यात्रियों में चर्चा का विषय है

 प्रत्यक्ष रूप में भी देखा जा सकता है। सबसे पहले स्टेशन सुंदरीकरण के लिए स्टेशन का रुप मंदिर का दिया गया ।वहीं विशेष रूप से पोर्ट टिको के सामने राष्ट्र का तिरंगा ध्वज भी लगाया गया स्टेशन का नेम प्लेट लगा था इतना ही नहीं स्टेशन के प्लेटफार्म बदलने के लिए एक्स लेटर और लिस्ट भी लगा है इतना ही नहीं शेड के लिए पहले से लगा एस्बेस्टस शीट के जगह टीन का सीट लगाया लेकिन लगातार पानी के साथ हवा पानी का बौछार होने से स्टेशन की स्थिति बदतर हो गया ।वहीं स्टेशन के सुंदरीकरण के लिए करोड़ों रुपए खर्च किया जा रहा है। लेकिन सभी पर पानी फिरता नजर आ रहा है पानी और हवा के साथ पानी की बौछार होने से सेड से आवाज होने पर स्टेशन पर धवनि प्रदूषण फैल जाता है रेल यात्रियों को खड़ा होने में भी हजरत होता है आवातो सुनाई ही नहीं पड़ता।  ट्रेनों की रुकने से स्टेशन के प्लेटफार्म पर कोलाहल होता ही है ।लेकिन बारिश के समय और भी स्थिति खराब हो जाता जो देखा जा सकता है ।वही बाजार में कहा जाता है की स्टेशन का प्रवेश द्वार डिस्पोजल है। यहां तक कि मंदिर पर लगे त्रिशूल गायब हैं। जब भी देश की शान तिरंगा झंडा पानी की बौछार से गायब हो चुका है जिसका प्रत्यक्ष प्रमाण देखा जा सकता है।

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