यूनाइटेड कोल वर्कर्स यूनियन के बैनर तले सात सूत्री मांग को लेकर महामहिम राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन



देवघर चित्रा कोलियरी, यूनाइटेड कोल वर्कर्स यूनियन के बैनर तले व संयुक्त किसान संघर्ष समिति के द्वारा शनिवार को एस पी चित्रा माइंस प्रांगण में सरकार के खिलाफ आंदोलन किया गया। बताया जाता है की केंद्र सरकार के द्वारा लगाये गये। किसानों-मजदूरों के उपर काला कानून जैसे नियमों को निरस्त करने की बात कही गई। अन्यथा हम किसान मजदूर भाईयों सरकार के खिलाफ राज्यव्यापी हड़ताल पर बैठने को तैयार हैं। वहीं उनको लेकर महामहिम राष्ट्रपति महोदय से सात सूत्री मांग पत्र को सरकार के लगाये गये काला कानून जैसे नियमों को निरस्त कर किसान मजदूर के हित में उचित न्याय दिलाने की कोशिश की जाय। वहीं महामहिम राष्ट्रपति महोदय के नाम सात सूत्री मांग पत्र में 1. चार श्रम संहिता , तीन कृषि कानून, बिजली संसोधन अध्यादेश 2021 निरस्त करने की मांग की  2. किसानों की उपज के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर कानूनी गारंटी देने की मांग की  3.एक निश्चित समय सीमा के भीतर सविभौमिक मुक्त टीकाकरण करने की मांग की। 4. सभी जरूरतमंदों को प्रत्येक माह प्रति व्यक्ति के हिसाब से 10 किलो अनाज देने की मांग की व साथ ही हर महीने हर गैर आयकर भुगतान करने वाले परिवार को ₹7500 भी देने की मांग की 5.सार्वजनिक क्षेत्र के उद्योग और सरकारी विभागों के निजीकरण की निति को वापस लेने की मांग की गई। 6.सरकार को सरकारी कर्मचारी के अलावा कोविड-19 मैं दिन-रात काम कर रहे रेलवे ,सड़क परिवहन, कोयला रक्षा, सेल मेल ,दूरसंचार डाक सेवा, बैंक और बीमा बिजली पानी शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा आदि को फ्रंटलाइन स्टाफ के रूप में व्यवहार किया जाए और क्षतिपूर्ति को लेकर उनके क्षतिपूर्ति हित में देखरेख की जाए। 7. कोविड-19 से मरने वाले श्रमिक परिवारों को 50 लाख रुपए की पर्याप्त मुआवजा सरकार द्वारा देने की मांग की गई। वहीं मौके पर यूनाइटेड कोल वर्कर्स यूनियन के केन्द्रीय सचिव पशुपति कोल ,होपना मरांडी, संतोष यादव, जगरनाथ कोल, सोनेलाल सोरेन,पकलू सोरेन, अशोक दास, राजेश कोल, संजोती देवी, प्रभु कॉल हराधन कोल, अनिल कोल, राजू कोल, शक्ति महतो सहित दर्जनों लोग मौजूद दिखे।

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