कोरोना संक्रमण से प्रभावित बच्चों को लेकर हुई बैठक, बच्चों के हित में लिए गए आवश्यक निर्णय।



देवघर- शुक्रवार को डालसा-सह-प्रधान न्यायाधीश अध्यक्ष की अध्यक्षता में देवघर जिले में  कोविड-19 संक्रमण के कारण मृत/ईलाजरत अभिभावकों/माता-पिता (दोनों में से एक) के बच्चों को प्रोजेक्ट शिशु के तहत विभिन्न व्यवस्था एवं सुविधा मुहैया कराने हेतु बैठक आहूत की गयी। इसके तहत इस प्रकार के बच्चों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने संबंधी विस्तृत समीक्षा की गयी। इस दौरान बतलाया गया कि ऐसे बच्चों के पालन-पोषण/संरक्षण/देखभाल करने वाले व्यक्तियों को फूड ग्रेन बैंक देवघर से त्वरित राशन मुहैया कराने की व्यवस्था की गयी है। इसके अलावे इन बच्चों के चिकित्सा, पोषण, शिक्षा एवं विकास संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु वित्तीय सहायता का प्रावधान है। इसके तहत वर्तमान में देवघर जिले के ऐसे चार (04) बच्चे को चिन्ह्ति कर उन्हें सुविधा मुहैया कराने हेतु कार्रवाई की जा रही है, जिनमें से दो बच्चों को सुविधा मुहैया करायी जा चुकी है एवं दो प्रक्रियाधीन है, जिसे जल्द हीं कर लिया जायेगा। इसके अलावा बाल संरक्षण ईकाई देवघर द्वारा ऐसे संक्रमण पीड़ित बच्चों को प्रयोजन भत्ता देने की व्यवस्था भी की गयी है एवं इनके विशेष देखभाल व संरक्षण हेतु फिट फैसिलिटी सेन्टर संचालित है, जिसके तहत बालिकाओं हेतु बाल गृह-सह-सम्प्रेक्षण गृह एवं बालकों के लिए मुक बधिर/नेत्रहीन आवासीय विद्यालय, चांदडीह, देवघर को फिट फैसिलिटी सेन्टर बनाया गया है। ऐसे में इस प्रकार के बच्चों की जानकारी व उन्हें सुविधा मुहैया कराने हेतु निम्न नंबरों पर सम्पर्क की जा सकती है-चाईल्डलाईन 1098, जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी का दूरभाष संख्या-6201934002, 7739560251। 

महामारी के कारण अनाथ हुए ऐसे बच्चे जिनके माता-पिता दोनों की मृत्यु हो गई हो, अगर माता-पिता न हों तो उनके आर्थिक संरक्षक की मृत्यु हो गई हो तथा ऐसे बच्चे जिनके एकल कमाउ सदस्य की मृत्यु हो गई हो,ऐसे लोगों की पहचान एवं सत्यापन करने के पश्चात उनके शैक्षणिक, आर्थिक चिकित्सीय एवं सम्पत्ति के संरक्षण से संबंधित अधिकारों की रक्षा करने हेतु इस प्रोजेक्ट का निर्माण किया गया है। इस प्रोजेक्ट के अलावा सरकार के ऐसे प्रोजेक्ट जो बच्चों के उत्थान से संबंधित हों, जैसे फोस्टर केयर एवं स्पोंशरशिप, जिसे केन्द्र एवं राज्य सरकार के द्वारा संचालित किया जाता है, के तहत भी योग्य बच्चों को लाभ पहुंचाये जाने की स्थिति की समीक्षा की गई है। इसके तहत देवघर जिला अन्तर्गत कुल 04 बच्चों को इस योजना का लाभ देने हेतु चिह्नित किया गया है, जिसे आवश्यक कागजी कार्रवाई करने के उपरान्त लाभ पहुंचाया जाएगा। ऐसे सभी बच्चों को आयुष्मान कार्ड, स्कूल में नामांकन की भी मदद की जाएगी। ऐसा कोई भी बच्चा या आम आदमी इस योजना की जानकारी एवं मदद प्राप्त करने हेतु उपरोक्त वर्णित दूरभाष संख्या पर सम्पर्क कर सकते हैं।


इसके अलावे बैठक के दौरान उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने देवघर जिले में कोविड-19 से प्रभावित अभिभावकों के बच्चों को बेहतर लाभ दिलाने के लिए आंगनबाड़ी स्तर पर सेविकाओं सहायिकाओं और पारा लीगल वालेंटियर को चिन्हित करने का निदेश संबंधित अधिकारियों दिया है। साथ हीं इस हेतु ग्राम स्तर पर गठित बाल संरक्षण समिति को सक्रिय कर जरूरतमंद बच्चों को इसका लाभ दिलाने का निदेश दिया गया है। वही ऐसे नाबालिकों की चिन्हित करने की जिम्मेवारी आंगनवाड़ी सेविकाओं, सहायिकाओं, तेजस्विनी क्लब, की नियमिति पर्यवेक्षण का निर्देश जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी को दिया गया। आगे उपायुक्त ने कहा कि देवघर जिले में कोविड-19 के संक्रमण से जिन बच्चों के माता-पिता या दोनों में से किसी एक की भी मृत्यु हो चुकी है या ऐसे बच्चे जिनके माता-पिता कोविड-19 के संक्रमण से ग्रसित हैं और होम आइसोलेशन अथवा अस्पताल में इलाजरत हैं और बच्चों की देखभाल करने वाला कोई नहीं है तो इसकी सूचना लिखित/दूरभाष/वाह्टस एप्प के माध्यम से जिला बाल संरक्षण ईकाई देवघर, जिला समाज कल्याण कार्यालय, देवघर, बाल कल्याण समिति, देवघर, चाईल्डलाईन 1098 देवघर को दे सकते हैं या टाॅल फ्री नंबर 1098 वाह्टस एप्प नंबर 9060393742, 7739560251, 9931135775, 9431548795 व 9934135706 पर  सम्पर्क कर सकते हैं।

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