कांग्रेस के वरिष्ठ नेता की आकस्मिक निधन से कांग्रेस परिवार में शोक की लहर।



देवघर- कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कृष्ण मोहन पत्रलेख उर्फ केलू पत्रलेख (92) बर्ष की आकस्मिक निधन बुधवार की रात्रि में निजी आवास कुसमाहा में हो गई। दुख की खबर सुनकर देवघर जिला कांग्रेस परिवार में शोक की लहर दौड़ गई। पार्टी नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने शोक समाचार सुन कर दुख जताया शौक संवेदना प्रकट किया। इन में से कई उनके आवास पर अंतिम दर्शन को भी पहुंचे और श्रद्धांजलि दी। जिलाध्यक्ष मुन्नम संजय अपने दिवंगत नेता के अंतिम यात्रा में शामिल होकर अजय नदी के सती घाट श्मशान तक पहुंचे। जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया । मुखाग्नि तीन पुत्रों में से बड़े पुत्र रामाकांत पत्रलेख ने दी। तदुपरांत अपने साथियों के साथ  जिलाध्यक्ष ने दो मिनट का मौन धारण करते हुए ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। मुन्नम संजय ने कहा कि आजाद भारत के समय से ही कांग्रेस का दामन थामे पार्टी का एक वफादार सच्चे सिपाही और एक सच्चे नेता को आज हमने खो दिया। इनका असमय जाने से पार्टी को एक अपूरणीय क्षति हुई है। जिसका निकट भविष्य में भरपाई होना असंभव है। स्व. केलू पत्रलेख आज हम सबों के बीच नहीं हैं। लेकिन उनके योगदान, पार्टी के प्रति समर्पण भावना तथा उनके दिखाए गए मार्ग आज हम सबों के समक्ष है। जिसको स्मरण करते हुए आगे हमें बढ़ना है। कांग्रेस के संघर्षशील और जुझारू कार्यकर्ता के रूप में उन्होंने सारा जीवन व्यतीत किया। उनके समर्पण भावना से ही अविभाजित बिहार के कई कांग्रेसी मुख्यमंत्री उन्हें बहुत ही निकट से जानते थे और इनका सम्मान करते थे। ईश्वर इनकी आत्मा को श्री चरणों में स्थान दें और इनके स्वजनों को इस विपदा की घड़ी से उभरने की असीम शक्ति प्रदान करें। मौके पर सारवां प्रखंड अध्यक्ष उपेंद्र राय ने भी नम आंखों से श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि आज पार्टी का एक स्तंभ ढह गया। जिन्होंने विकट परिस्थितियों में भी पार्टी का झंडा को बुलंद रखने का काम किया। हम उन्हें नमन करते हैं।

मीडिया प्रभारी दिनेश कुमार मंडल ने कहा कि केलू बाबा पार्टी के वरिष्ठ नेता के अलावे हमारे लिए पिता तुल्य थे। आज वो इस धरती से विदा हो गए। मन व्यथित है। परन्तु ये देह नश्वर है।हम उनके गुण एवं कर्तव्यों को याद करते हुए ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि जो पुण्यात्माँ आज हमारे बीच अनुपस्थित है भगवान उन्हें मोक्ष प्रदान करें। इस मौके पर सुबे के कृषि मंत्री के भाई विक्रम पत्रलेख, रवि पत्रलेख, मदन प्रसाद राय आदि मौजूद थे।

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