कुंडहित में मातृ एंव शिशु मृत्यु दर में कमी लाने पर जोर, सीएचसी में एक दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन।





कुंडहित (जामताड़ा ):मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने के उद्देश्य से मंगलवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में साथी सहिया को एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान बीटीटी अवध बिहारी राम एवं सुबोध मंडल द्वारा उपस्थित सहिया साथी को जानकारी देते हुए बताया गया कि शिशु जन्म के बाद से मातृ एवं शिशु को कैसे देखभाल करना है ताकि मातृ एवं शिशु की मृत्यु दर कम हो सके इस पर विस्तार पूर्वक जानकारी दिया गया साथ ही बताया कि बच्चों को जन्म के साथ मां का खसरा दूध बच्चों के लिए अमृत के समान होता है जन्म के साथ ही मां का खसरा दूध बच्चों को पिलाना है। वही संपूरण भारत के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी देते हुए कहा कि बच्चों के जन्म के 6 माह से 59 माह तक आयरन का सिरप देना है जबकि 9 माह से 5 साल के बच्चों को विटामिन ई की गोली देना है कहा कि अगर समय पर बच्चों को सही देखभाल किया जाए तो बच्चों की शारीरिक प्रगति आएगा। साथ ही कुपोषण दूर होगा उन्होंने उपस्थित साथी सहिया को जानकारी देते हुए कहा अपने अपने पोषक क्षेत्र में पखवाड़े पर अपने दायित्व का निर्वाह करें वही सघन डायरिया के बारे में जानकारी देते हुए कहा अभी बरसात का मौसम में अधिकांश लोग खेत में कार्य करते हैं नदी नाला का पानी पी लेते हैं इस कारण डायरिया होने का आशंका रहता है अगर डायरिया हो जाए तो उसे ओ आर एस  पाउडर का घोल बनाकर पीने को कहें साथ ही जिंक का गोली समय-समय पर दें। मौके पर बबली सिंह, लक्ष्मी मंडल, सहिया साथी पुर्णिमा पंडित, सीता रानी मंडल, शिखा महतो, नमिता बेसरा, सावित्री बेसरा सहित अनेक उपस्थित थे

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