कांग्रेसियों ने भगवान बिरसा मुंडा की मनाई पुण्यतिथि।



देवघर- जिला कांग्रेस कार्यालय में स्वतंत्रता सेनानी एवं प्रतिष्ठित आदिवासी नेता भगवान बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि मनाई गई। वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रोफ़ेसर उदय प्रकाश की अगुवाई में कांग्रेस जनों ने भगवान बिरसा की तस्वीर पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और नमन किया। साथ ही उनके द्वारा देश को दिए गए योगदान को याद करते हुए प्रो.उदय प्रकाश ने कहा कि बिरसा मुंडा 18 वीं सदी में आदिवासी अधिकारों के लिए अंग्रेजों के खिलाफ "उलगुलान" छेड़ने वाले धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की शहादत को हम सभी नहीं भूलेंगें। धरती आबा ने समाज में बीमारियों को लेकर फैले अंधविश्वास को मिटाने का काम किया था।आज धरती आबा से प्रेरणा लेकर हमें कोरोना को दूर भगाने के लिए टीकाकरण के प्रति फैले अंधविश्वास को समाप्त करना है। मीडिया प्रभारी दिनेश कुमार मंडल ने कहा कि भगवान बिरसा जनजाति समुदाय के एक निडर शख्सियत थे। जिन्होंने बंगाल,बिहार और झारखंड की सीमा से लगे क्षेत्रों में अंग्रेजो के खिलाफ विद्रोह का नेतृत्व किया था। विरसा ने उनके खिलाफ उलगुलान का नारा दिया। यानी जल,जंगल और जमीन की उनके अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ी। बिरसा ने अंग्रेजो के खिलाफ एक और नारा दिया था "अबुआ दिसुम,अबुआ राज" यानी अपना देश अपना राज। भगवान बिरसा 18 वीं सदी के स्वतंत्रता संग्राम में अग्रणी भूमिका निभाया थे। आदिवासियों का संघर्ष तो 18 वीं शताब्दी से चला रहा था। 1766 के "पहाड़िया" विद्रोह से लेकर 18 57 के "गदर"के बाद भी आदिवासी संघर्षरत रहे। सन 1895 से 1900 तक बिरसा मुंडा का "महा विद्रोह उलगुलान" चला। आदिवासियों को लगातार जंगल जल जंगल जमीन और उनके प्राकृतिक संसाधनों की बेदखल किया जाता रहा और वह इनके खिलाफ संघर्ष करते रहे। भगवान बिरसा के संघर्ष और योगदान को देशवासी कभी नहीं भूल पाएंगें। इस मौके पर जिला उपाध्यक्ष कुमार विनायक, नगर अध्यक्ष रवि केसरी, ओबीसी जिला अध्यक्ष अर्जुन रावत, वशिष्ठ राणा, अक्षय सिंह आदि मौजूद थे।

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