सात सूत्री मांगों के समर्थन में आयुष चिकित्सकों का पांच दिवसीय हड़ताल।



देवघर- आयुष चिकित्सक द्वारा सात सूत्री मांगों के समर्थन में लगातार काला बिल्ला लगाकर कार्य करते हुए प्रदर्शन किया जा रहा है इसके बावजूद सरकार का ध्यान इस ओर आकर्षित नहीं हो रहा, ना हीं तत्काल कोई कार्रवाई की जा रही है।

उसी 7 सूत्री मांगों के समर्थन में बुधवार को आयुष चिकित्सक सरकार का विरोध करते हुए काला बिल्ला लगाकर पांच दिवसीय हड़ताल पर रहे। मौके पर कहा कि पड़ोसी राज्य बिहार में इसी पद पर कार्यरत कर्मियों का सम्मान एमबीबीएस के समान है। वहीं दूसरी ओर झारखंड में सरकार इन लोगों को फ्रंटलाइन वर्कर बनाकर सभी जगह खतरे से भरा कार्य करवा रही है और जब अधिकार देने की बात आती है, तो आयुष चिकित्सक कह कर सबसे पिछड़ी पंक्ति में खड़ा कर दिया जाता है। जिसके लिए एक कमेटी बनाकर लगातार सात-आठ साल से यह मांग की जा रही है कि समान कार्य, समान मिलनी चाहिए। साथ ही पूरे राज्य में आयुष चिकित्सक के रिक्त परमानेंट पोस्ट को भरा जाए। कम पैसे में चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराने के लिए आयुष चिकित्सक लगातार प्रतिबद्ध हैं। लेकिन सरकार इनके समायोजन, समान कार्य समान वेतन एवं सम्मान की मांगें पूरी नहीं कर रही है। एक दिवसीय हड़ताल के बावजूद अगर इन लोगों की माँगें पूरी नहीं की गई, तो सभी आयुष चिकित्सक उग्र आंदोलन करने को बाध्य हो जाएँगे, जिसकी सारी जिम्मेवारी सरकार की होगी।

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