बिजली से वंचित फुदगहि के आदिवासी परिवार



नारायणपुर(जामताड़ा): आज़ादी के 73  वर्ष बीत जाने के बाद नारायणपुर प्रखंड क्षेत्र के दीघारी पंचायत अन्तर्गत फुदगहि आदिवासी टोला के लोग बिजली रानी की एक झलक तक नही देख पाए है|झारखंड के कौने -कौने तक विकास की लंबी चौड़ी  दावें करने वाले तमाम उन नेताओं के मुंह मे यह गाँव एक तमाचा की तरह है|फुदगहि गाँव के लोगों ने झारखंड राज्य बनने के बाद कई विधायक और दो सांसद को अपने गाँव की विकास के लिए अपना बहुमूल्य वोट दिया लेकिन जब इस गांव के विकास की बात आई तो लगभग सभी जनप्रतिनिधियों ने उन्हें विकास के नाम पर महज़ आस्वासन ही दिया|इससे पहले इस गांव में पेयजल, सड़क की भी समस्या थी|लेकिन जब पिछले वर्ष इस गाँव की दुर्दशा की गाथा स्थानीय समाचारों में छपी औऱ चली तो प्रसाशन हरकत में आया|अब गाँव मे सड़क बनाने के लिए मिट्टी मोरम का कार्य हो रहा है|पेजयल के लिए खराब  चापाकल भी दुरस्त किए गए लेकिन बिजली आने की आस आज भी फुदगहि के ग्रामीणों को है|ग्रामीण कृष्णानंद हांसदा, दुलाल हांसदा, पुणो मुर्मू ,जिसु मरांडी, उपाशी सोरेन,सूरजमुनि मुर्मू, अंजू हांसदा, सहोरी हांसदा,समेत ने बताया कि लगभग 4 माह पूर्व गांव में बिजली पहुंचाने के लिए बिजली के खंभे गाड़े गए, तार बिछाया,ट्रांसफार्मर लगाया गया लेकिन आज तक बिजली विभाग की लापरवाही के कारण ट्रांसफार्मर में भी बिजली कनेक्शन नहीं की गई है| जिससे गांव के लोगों को बिजली मिल सके |ग्रामीणों ने स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं प्रशासन से गांव में बिजली व्यवस्था बहाल करने की अपील की है|


नारायणपुर से कुमार निकेश की रिपोर्ट

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