इग्नू के साथ शैक्षणिक राहें हो जाती हैं आसान



देवघर।वर्तमान समय में जहां एक ओर कोविड 19 महामारी ने विषम और असहज परिस्थिति उत्पन्न कर दी है वही शिक्षाविदों की एक टीम ने ऑनलाइन अध्ययन अध्यापन की गतिविधि को लगातार हवा दी और छात्रों को एक कड़ी में जोड़कर रखा, शैक्षणिक वातावरण में निरंतरता कायम रखी। हम बात कर रहे हैं ऐसे प्रबुद्ध दिग्गजों की जिसमें देवघर महाविद्यालय अंग्रेजी विभाग व्याख्याता सह देवघर महाविद्यालय के इग्नू अध्ययन केंद्र के समन्वयक डॉ अंजनी शर्मा, इग्नू के क्षेत्रीय निदेशक डॉ अरविंद कुमार सिंह, सह निदेशक डॉ सरोज मिश्रा और अन्य सदस्य शामिल हैं जिनका प्रयास सराहनीय और अनुकरणीय है।आज के उपर्युक्त विषय वस्तु को छात्रों तक लाने में दोपहर वीडियो गूगल मीट के जरिए संपर्क बनाया गया जहां सैकड़ों युवाओं ने जुड़कर अपनी जिज्ञासा और उत्सुकता दिखाई |कार्यक्रम के आरंभ में समन्वयक डॉ अंजनी शर्मा ने कहा कि इग्नू वैश्विक स्तर पर पहचान सिद्ध करने वाला सबसे बड़ा भारतीय विश्वविद्यालय है जो अपनी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, तनावमुक्त वातावरण, उत्कृष्ट अध्ययन सामग्री, उन्नत पुस्तकें और छात्र हितों का संरक्षण आदि गुणों से युक्त है |उन्होंने सूचित करते हुए बताया कि 2018 से संचालित देवघर महाविद्यालय परिसर में इग्नू अध्ययन केंद्र (87005)ने काफी कम समय में ही बहुत उपलब्धि हासिल की है |यहां से काफी छात्र अध्यन कर ख्याति फैला रहे हैं |इसमे बैचलर्स और मास्टर्स के साथ साथ रूरल डेवेलपमेंट, ह्यूमन राइट्स, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग, उपभोक्ता सुरक्षा आदि से जुड़े कुल 18 विषय का विकल्प है |इन प्रोग्रामों के माध्यम से विद्यार्थियों को अपने नियमित कोर्स के साथ एक अतिरिक्त कोर्स को भी जोड़ते हुए अपने आप को सशक्त करने का अवसर प्राप्त होगा|बता दें कि अभी नए सत्र में नामांकन की अंतिम तिथि आगमी 15 जुलाई तक है |इन सर्टिफिकेट प्रोग्रामो से जुड़कर युवाओं के रोज़गार और अवसर के दिशा में लाभान्वित होने की बात कही गयी |वहीँ इग्नू के क्षेत्रीय निदेशक ने इसकी स्थापना, शुरुआती दौर आदि का विश्लेषण करते हुए कहा कि इग्नू शिक्षार्थी केंद्रित विश्वविद्यालय है जहां सभी वर्ग बिना किसी आर्थिक दबाव के शिक्षा ले सकते हैं, और विभिन्न तकनीकी कौशल से संबंधित शिक्षा का लाभ उठा सकते हैं |अपने अनुभव को छात्रों के साथ साझा करते हुए उपनिदेशक सरोज मिश्रा ने कहा कि इग्नू के साथ शैक्षणिक यात्राएं आसान हो जाती हैं |संथाल परगना मे 25000 से भी अधिक इग्नू अध्यनरत छात्रों की बात भी कही गयी |इन्होंने डोरस्टेप एजुकेशन, रोजगार के अवसर के साथ साथ अध्ययन की निरन्तरता,परिवारिक विकास आदि से भी सभी को रुबरु कराया |अंत में छात्र छात्राओं ने अपने रुचि आदि से संबंधित जानकारी प्राप्त की, प्रश्न पूछे और अपनी संतुष्टि अभिव्यक्त की|वहीँ इग्नू से सर्टिफिकेट कोर्स कर रही देवघर महाविद्यालय की छात्रा बी शोभना ने अपना व्यक्तिगत अनुभव रखा और इसे नवीन तकनीक और अनुभव का केंद्र कहा |आंनद, स्वाति, चन्दन, पल्लवी आदि ने भी  अपने प्रश्न का उत्तर पाकर खुशी व्यक्त की |वहीँ छात्र अजय नन्दन सिंह ने प्रबुद्धजनों का आत्मिक धन्यवाद और आभार ज्ञापन किया और कहा कि आज हम सभी को बहुत कुछ सीखने को मिला।

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