हमारे जीवन में योग और संगीत दोनों का महत्व है : डॉ. प्रदीप



देवघर  : अंतर्राष्ट्रीय योग एवं संगीत दिवस के अवसर पर स्थानीय विवेकानंद शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं क्रीड़ा संस्थान के केंद्रीय अध्यक्ष डॉ. प्रदीप कुमार सिंह देव ने कहा - योग प्राचीन भारत के संतों द्वारा विकसित ध्यान की एक पारंपरिक पद्धति है। योग, मन और शारीरिक गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिया भी किया जाता है। योग संस्कृत शब्द से उत्पन्न हुआ है इसका अर्थ है "शामिल होना, एकजुट होना"। योग से शरीर, मन, चेतना और आत्मा को एकजुट करके संतुलन में लाया जाता है । जिसे योग हमारी रोजमर्रा की मांगों, समस्याओं और चिंताओं का सामना करने में सहायता करता है। खुशाल रहना हर मन्ननुष की इच्छा है, हालांकि आधुनिक समय में अधिक से अधिक शारीरिक और भावनात्मक मांगों बढ़ती जा रही है । परिणाम स्वरूप अधिक से अधिक लोग शारीरिक और मानसिक बीमारियों से ग्रस्त हो रहे। जिसमे तनाव, चिंता, अनिद्रा शामिल है। यही कारण है कि स्वास्थ्य की सुधार के लिए तरीके और तकनीक खोजे जा रहे है। योग से रीढ़ मे लचीलापन आता है, शरीर की शारीरिक स्थिति में सुधार होता है और ध्यान के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ती है। प्रत्येक योग धीरे-धीरे अभ्यास करें, सांस के साथ गति को समन्वित करते हुए, प्रत्येक स्थिति में गति को रोकें और हमेशा पूरी एकाग्रता के साथ योग करे। जब शरीर शारीरिक रूप से स्वस्थ होता है, तो मन स्पष्ट, केंद्रित और तनाव पर नियंत्रण होता है। जब हम स्वस्थ होते हैं तो हम अपने भीतर मन के साथ, दूसरों के साथ और आपके संपर्क में आने वाले हर व्यक्ति के साथ जोड़ सकते हैं। योगासना करते समय आप सांस पर ध्यान देंते है, सांस पर ध्यान तनाव और चिंता से मुक्त करता है । नियमित योग अभ्यास करने से अनिद्रा को ठीक करने में मदद मिलती है और गहरी नींद आती है जिसे ऊर्जा को बनाए रखने में भी मदद करता है। विभिन्न प्रकार के रोगों के लिए योग एक प्रभावी उपचार है क्योंकि यह उन लक्षणों को कम कर सकता है जो कि बीमारियों का कारण बनते हैं, जैसे कि अकड़न, थकान और कमजोरी।

भारत में कई हजारों साल पहले, ऋषियों और संतों ने भौतिक और आध्यात्मिक क्षेत्र के नियमों की खोज की। डॉ. देव ने संगीत दिवस के सन्दर्भ में कहा - विश्व संगीत दिवस' को ‘फेटे डी ला म्यूजिक’ के नाम से भी जाना जाता है। इसका अर्थ म्यूजिक फेस्टिवल है। इसको मनाने का उद्देश्य अलग-अलग तरीक़े से संगीत का प्रचार करने के अलावा विशेषज्ञ व नए कलाकारों को एक मंच पर लाना है।

पहली बार 21 जून सन् 1982 को फ्रांस में मनाया गया।

अन्य जानकारी 'विश्व संगीत दिवस' कुल 17 देशों में ही मनाया जाता है, इसमें भारत, आस्ट्रेलिया, बेल्जियम, ब्रिटेन, लक्समवर्ग, जर्मनी, स्विट्जरलैंड, कोस्टारीका, इजाराइल, चीन, लेबनाम, मलेशिया, मोरक्को, पाकिस्तान, फ़िलीपींस, रोमानिया और कोलम्बिया शामिल हैं। संगीत की विभिन्न खूबियों की वजह से ही विश्व में संगीत के नाम एक दिन है।

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