शर्मनाकः ससुरालवालों ने विवाहिता को किया आग के हवाले, 95 फीसदी शरीर झुलसा।



गोड्डा माँ की आँखे हट नहीं रही, बेटी को अस्पताल के बेड पर देख। कोष रही होगी यह महिला की किस समाज में बटिया जन्मया। वो कौन सी अशुभ घडी होगी जो बिटिया को दरिंदों के खानदान में ब्यहा दिया। समाज किस गति से गर्त में जा रही है, यह इस माँ को देखकर सोचा जा सकता है। माँ जिस बेटी को एक टक देख रही है, वह ससुरालवालों द्वारा आग के हवाले की गयी है। गोड्डा सदर अस्पताल के बिस्तर पर पड़ी बिटिया का नाम रिया रानी है जिसकी शादी 5 साल पूर्व प्रदीप मंडल से हुई थी। रिया की गलती सिर्फ इतनी थी की उन्होंने 2 बच्चों को जन्म दिया। लेकिन बच्चों की लंबी उम्र भगवन ने छीन ली, दोनों बच्चे भगवन को प्यारे हो गए। 

इसी का गुस्सा रिया के ससुराल वालों ने उन पर निकलना शुरू किया। जानवरों की तरह रिया के पति, सास, ससुर, जेठ आदि ससुराल वालों ने उनकी पिटाई की। आज तो हद हो गयी, सुसराल वालो ने रिया को आग में झोंक दिया। जिससे वह 95 फीसदी जल गई। 

आखिर इतने बेदर्द इंसान कैसे हो सकते है। ये रिया के माता पिता सोच सोच कर अपनी किस्मत को कोस रहे है। जो ऐसे घर में बेटी की शादी कराई। 

एक के बाद एक ऐसे दो मामले आज गोड्डा जिला से आये, जो बेदर्दी की हदें पार करती है। दूसरी घटना में पति ने पत्नी को पहले जहर दिया फिर गाला दबा कर मार दिया। मामला पथरगामा के अम्बाचक की है। जहां पति संतोष कुमार शाह ने पत्नी पूनम कुमारी को मौत के घाट उतार दिया।

दोनों खबर समाज की सच्चाई उजागर कर रहे है। महिलाओं के खिलाफ होते अत्याचारों की घिनोनी हद पर कर रहे है। एक महिला ने बच्चे को जन्म दिया, इसमें उसकी क्या गलती की बच्चा दुनिया में नहीं रहा। क्या कभी ये सोचा है, एक माँ अपने बच्चे को 9 महीने गर्भ में पालती है। तो क्या उसे बच्चा खोने का दर्द नहीं रहा होगा। क्या सारा दर्द एक पिता यह दादा दादी को की रहा होगा। 

महिलाओं को वस्तु समझता समाज कितनी प्रगृति करेगा, अगर भारतीय संस्कार के नाम पर खोखला मानव का पुतला जीवन का आधार रखेगा।

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