मजदूर किसान समिति व लोक जागृति केन्द्र के सौजन्य से अनुमण्डल कार्यालय से 30 किमी दूर प्रकृति के गोद में बसा जीतपुर में एक दिवसीय पर्यावरण दिवस मनाया गया



विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर  मजदूर किसान समिति व लोक जागृति केन्द्र के सौजन्य से अनुमण्डल कार्यालय से 30 किमी दूर प्रकृति के गोद में बसा जीतपुर  में एक दिवसीय  पर्यावरण दिवस मनाया गया । जिसमें डोमनाटॉड़ , लफरीटाँड़ , चंचाती , मधवाडीह , जीतपुर , कारीपहाड़ी ,मोहनाडीह और धावाटॉड आदि गांव से आये सैकड़ों महिला=पुरूर्षों ने हिसा लेते हूये जंगल  बचाने का सामुहिकरुम संकल्प लेते कार्य योजना तैयार किया I 

इस अवसर पर्यावरणविद् अरविन्द कुमार ने कहा कि जंगल है तो जीवन है I जंगल से चालीस प्रतिशत लोगो का रोजी रोटी चलता है वहीं कृषिकार्य का आधार जंगल  है । वनोपाद से हमेशा लोगो का घर-गृस्थी चलता है । पूर्व मुरिवया शिवलाल किस्कू ने कहा कि जंगल से बर्षा होती है I जंगल को हमें जी-जान से बचाना है I 

इस अवसर पर जंगल  के पेड़ों पर लोगों २क्षा सुत्र बन्धन किया ।  लोगों जंगल बचाने को लेकर नारा      यथा जंगल के है क्या उपकार , मिट्टी पानी और बयार ।  मिट्टी पानी और बयार  ये है जंगल के उपकार I  जल जंगल ,जर्मीन हमारा  है  झारखण्डियों का ये नारा है I  बता दें कि इस अवसर पर कोरोना महामारी रोकने के लिये व्यवहारिक उपाय बताते हूये  दवाई कीट का वितरण किया गया ।  मौके पर झरी सिंह सहदेव ,  डोमन ,  अघनु सिंह , प्रधान जितेन सिंह  ठुढा मुर्मू  के अलाव सैकडो की संख्या में महिलाये उपस्थित थे I

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