भेलुआ आदिवासी टोला में गहराया पेयजल संकट, 1 किलोमीटर दूर नदी से पानी लाने को विवश है ग्रामीण।



कुंडहित (जामताड़ा ):कुंडहित प्रखंड के भेलुआ  पंचायत अन्तर्गत भेलुआ आदिवासी टोला में महीनों से चापाकल खराब रहने के कारण पेयजल संकट उत्पन्न हो गया।चापाकल ख़राब रहने से कुछ लोग 1 किलोमीटर दूर नदी में गड्डा खोदकर पीने वाला पानी लाते है तो कुछ लोग 2किलोमीटर दूर पड़ोसी गांव से पानी लाने को मजबूर है।ग्रामीण खराब चापाकल को चंदा उठाकर कई बार मरम्मत भी करा चुकी हैं लेकिन बार बार- खराबी व पाइप क्षतिग्रस्त होने के कारण ग्रामीण तंग हो चुके हैं और मरम्मत कराना भी बंद कर दिया।ग्रामीणों ने भेलुआ के मुखिया और पेयजल विभाग के जेई को खराब चापाकल की जानकारी देते हुए इसे दुरुस्त कराने की मांग कई बार की पर किसी ने इस समस्या की सुध नहीं ली। ग्रामीण अब भी मरम्मत को लेकर प्रशासन से आस लगाए बैठे हैं।भेलुआ आदिवासी टोला के रबिचन्दन टुडू,नरेश मिर्धा,नीलिमा मिर्धा,श्रीमती मरांडी,बिजली मरांडी,बहमुनि बेसरा ने बताया हमलोगों का टोला में 150 परिवार है और हमारे टोला में 3चापाकल है जिसमे 2चापाकल महीनो से बंद है।बंद चापाकल को चंदा एकत्रित कर कई बार ठीक कराए। बार-बार खराब होने के कारण अब मरम्मत कराने छोड़ दिए।बंद चापाकल को ठीक कराने के लिये मुखिया और पेयजल विभाग के जेई को जानकारी दी गई। लेकिन आज तक किसी ने इस दिशा में पहल नहीं की।ग्रामीणों ने बताया कि जो एक चापाकल ठीक है उसमें गंदा पानी निकलता है जो पीने लायक नहीं है।इसलिए कुछ लोग  पड़ोसी गांव से तो कुछ लोग नदी से पानी लाने को मजबूर है। ग्रामीणों ने उपायुक्त से इस दिशा पर पहल कर बंद पड़े चापाकलो को ठीक कराने की मांग की।

क्या कहते हैं पंचायत सचिव जानिए?

इस समस्या के बारे में जब  भेलुवा पंचायत के पंचायत सचिव वासुदेव सिंह को दूरभाष  से संपर्क किया गया,लेकिन संपर्क नहीं हो पाया।

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