कोविड-19 संक्रमण काल में विद्यार्थियों को डिजिटल माध्यम से उचित पाठ्यक्रम उपलब्ध कराना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है:- उपायुक्त



उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी  मंजूनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में वेबिनार का आयोजन कर जिले के सभी दस प्रखंडो के कक्षा 9 से 12 तक अध्ययनरत विद्यार्थियों को सुलभ तरीके से शिक्षा उपलब्ध कराने एवं पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद की मेहता, कोरोना संक्रमण से बचाव व वैक्सीनेशन में सक्रिय भूमिका निभाते हुए अभिभावकों को जागरूक करने के उद्देश्य से वेबिनार का आयोजन किया गया। 

बैठक में उपायुक्त ने सभी प्रखंडों के कक्षा 9 से 12 तक अध्ययनरत विद्यार्थियों के क्रियाकलापों एवं कोविड अनुरूप व्यवहारों के उचित अनुपालन व अन्य बिंदुओं पर विचार विमर्श किया। जिसमें वर्तमान कोविड-19 वायरस संक्रमण के संकटकाल में विद्यार्थियों को डिजिटल माध्यम से किस प्रकार से पाठ्यक्रम तैयार कराएं, इसको लेकर बैठक में उपस्थित पदाधिकारियों को निर्देश दिया। उपायुक्त ने कहा कि विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा मुहैया कराना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है। ताकि हम बेहतर कल का निर्माण कर सकें। वर्तमान परिस्थिति में बच्चों को बेहतर शिक्षा कैसे उपलब्ध कराया जाय, इस विषय पर हमें विशेष ध्यान देने की जरूरत है। ताकि हम हमारे आने वाले कल को सुरक्षित रखा जा सकें।

■ कोविड-19 संक्रमण काल में सबसे महत्वपूर्ण है सेल्फ स्टडी के साथ शारीरिक और मानसिक रूप से अपने आप को एक्टिव रखने की आवश्यकता है:- उपायुक्त... 

उपायुक्त ने ऑनलाइन परिचर्चा के दौरान सभी को कोविड से बचाव, लक्षण, रोकथाम, इलाज, होम आइसोलेशन, चिकित्सकों द्वारा दी गई सलाह, राज्य सरकार व जिला प्रशासन द्वारा जारी आवश्यक गाइडलाइन के अलावा प्रतिरोधक क्षमता को बनाये रखने से जुड़ी विस्तृत जानकारी दी गई। इसके अलावा उपायुक्त ने कहा कि आज के परिवेश में शिक्षा जितनी जरूरी है उतना ही जरूरी बच्चों के लिए खेलकूद है। इससे बच्चों में शारीरिक विकास के साथ-साथ मानसिक विकास होता है। बच्चों के विचारों में निखार आता है। वर्तमान परिस्थिति को देखते हुए चेस, सुडूको इस प्रकार के खेल खेलने से बच्चों का मानसिक विकास होता हैं और बच्चे तनावमुक्त होते है। खेल को आज के बच्चे कॅरियर के रूप में भी अपनाने लगे हैं।साथ ही सभी को व्यायाम के प्रति भी सचेत रहने की आवश्यकता है। क्योंकि शरीर को निरोग रखने और मन प्रसन्न करने में व्यायाम बहुत योगदान है। खेल हमारे शरीर से जुड़े बहुत सारे बिमारियों को दूर करने में सहायकारी होता है। खेल कूद और व्यायाम एक दुसरे से जुड़े हुए हैं। इससे शरीर को स्फूर्ति मिलती है जिससे दिन भर हमें थकान और आलास महसूस नहीं होती। खेल कूद से आलास और सुस्ती दूर होती है और मनुष्य प्रफुल्लित रहता है।

■ डायरी लिखने के लिए आवश्यक है कि आप ऐसा शेड्यूल बनाएं जिसका आप पालन कर सकें:- उपायुक्त...

बच्चों से बातचीत करते हुए उपायुक्त  मंजूनाथ भजंत्री ने कहा कि पोजेटिव माइंड से पढ़ाई-लिखाई के साथ उम्र के अनुसार किताबें और कहानियां पढ़ने के अलावा अपने दिनचर्या से जुड़ी डायरी लिखने का प्रयास करें, ताकि अपने बदलाव और जरूरतों को आप खुद समझ सके। वर्तमान परिस्थिति में खुद को अच्छा महसूस कराने का सबसे अच्छा तरीका है कि अपने भीतर जाएं एवं अपने मन को हल्का करने में डायरी लिखने का प्रयास करें। इस समय में डायरी काफी मददगार साबित हो सकती है। समय को उपयोगी बनाने में डायरी लिखना एक औजार के रूप में हमेशा से अधिक महत्व रखता है। डायरी के माध्यम से आप अपने विचारों, भावनाओं को लिख सकते हैं। और मन को हल्का कर सकते है। डायरी शुरू करने के लिए आवश्यक है कि ऐसा शेड्यूल बनाएं जिसका आप पालन कर सकें। अपनी डायरी में लिखना कभी भी एक काम या बोझ नहीं होना चाहिए, वास्तव में डायरी लिखने में आपको लुत्फ आना जरूरी है। यहां, आप वह बात लिख सकते हैं जो किसी से नहीं कह सकते। वर्तमान में महत्वपूर्ण है की पढ़ाई-लिखाई के साथ अन्य मानसिक और फिजिकल चीज़ों में सक्रिय रह कर मोबाइल या वीडियो गेम खेलने के समय को कम कर सकते हैं। इसके लिए आप समय सारणी भी बना सकते हैं कि उन्हें कब और कितने समय के लिए क्या-क्या कार्य करना हैं। सेल्फ स्टडी के साथ सोशल मीडिया और इंटरनेट का सही इस्तेमाल करते हुए घर बैठे भी अपने शिक्षा स्तर को बेहतर करने का प्रयास करें ताकि आने वाले समय मे आप आने योग्यता अनुरूप एक अच्छा मुकाम हासिल करें। दूसरी ओर खाली समय में राइटिंग स्पीड को बनाए रखने के लिए प्रैक्टिस करते रहें। इस दौरान आप पुराने पेपर सॉल्व कर सकते हैं। तमाम बुरी खबरों को दरकिनार करते हुए अच्छा सोचें। देरी को सकारात्मकता से लें, क्योंकि आपको परीक्षा के लिए दूसरों से ज्यादा वक्त मिला है। फ्यूचर प्लानिंग बेहद जरूरी है। आप खाली वक्त में अपने भविष्य के बारे में सोचें। अपना फ्यूचर टार्गेट प्लान करें। जैसे एग्जाम के बाद आपको कौन से कॉलेज में दाखिला लेना है। इसके आलावा आगे की पढ़ाई को लेकर विचार करें। दूसरी ओर वर्तमान में कोरोना महामारी के कारण आप बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। ऐसे में पढ़ाई के बाद दिमाग को रिलैक्स देने के लिए इंडोर गेम्स का सहारा ले सकते हैं। अपने दिन भर के रूटीन को बेहतर तरीके से प्लान करें। 

इसके अलावे वेबिनार के दौरान उपायुक्त  मंजूनाथ भजंत्री ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि आप सभी बच्चें हमारे समाज के आधार स्तम्ब है। ऐसे में समाज को बेहतर दिशा के साथ लोगों को जागरूक और सतर्क करने में आप सभी की भूमिका अति महत्वपूर्ण है। साथ ही वर्तमान समय में संभावित तीसरी लहर से सावधानी और सतर्कता के साथ कोविड नियमों का अनुपालन, वैक्सीनशन अत्यंत महत्वपूर्ण है, ताकि संक्रमण की चैन को तोड़ा जा सके। अपने आसपास रह रहे लोगों के साथ अपने अभिभावकों को कोविड टीकाकरण के साथ कोविड नियमों के शत प्रतिशत अनुपालन के प्रति जागरूक करें। इसके अलावे विभिन्न स्कूलों के बच्चों द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए उपायुक्त ने सेल्फ स्टडी पर जोड़ देने के अलावा देवघर जिला अंतर्गत घटते लिंगानुपात, दहेज प्रथा का कारण और निवारण, बेटा व बेटियों में असमानता के प्रति जागरूक किया। 

साथ ही बच्चियों से बातचीत करते हुए उपायुक्त ने कहा कि समाज से बेटे-बेटियों में असमानता की सोच को बदलने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि बेटा हो या बेटी, दोनों का समान अधिकार है। इसके अलावे कोरोना की तीसरी लहर की संभावना को देखते हुए आगे उन्होने कहा कि संक्रमण की चेन को तोड़ने में मददगार बनें। अपने आसपास रह रहे लोगों के साथ अभिभावकों को कोविड टीकाकरण के साथ कोविड नियमों के शत प्रतिशत अनुपालन के प्रति जागरूक करें।


इस दौरान उपरोक्त के अलावा जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक, सूचना जनसंपर्क पदाधिकारी, जिला सूचना विज्ञान पदाधिकारी , पिरामल फाउंडेशन से सुजीत त्रिदेवी

एवं संबंधित विभाग के अधिकारी, शिक्षक आदि उपस्थित थे।

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