जल्द शुरू होगा चितरा ग्रामीण जलापूर्ति योजना, जिले के 18 गाँव को मिलेगा शुद्ध पेयजल।



देवघर- चितरा सहित 17 गांव को जल्द मिलेगा शुद्ध पेयजल। संथाल परगना क्षेत्र के पेयजल समस्या की समीक्षा बैठक में मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने चितरा ग्रामीण जलापूर्ति योजना पर विशेष ध्यान देने की बात कही है। बताते चलें कि चितरा ग्रामीण जलापूर्ति योजना का इंटक वेल, जो 2018 में नारंगी मोड़ के पास अजय नदी में बना था घटिया काम के कारण बह गया और योजना अधर में लटक गई। 2019 में झारखंड मुक्ति मोर्चा गठबंधन की सरकार बनने के बाद विभागीय मंत्री मिथिलेश ठाकुर से 18 फरवरी 2020 को देवघर भ्रमण के दौरान झारखंड मुक्ति मोर्चा केंद्रीय समिति सदस्य राम मोहन चौधरी ने लिखित आवेदन देकर चितरा ग्रामीण जलापूर्ति योजना को जल्द चालू करने का आग्रह किया था। कोरोना के कारण योजना पर कोई काम नहीं हो सका। इस वर्ष फिर से इस पर समीक्षा की गई और विभाग के साथ-साथ केंद्रीय समिति सदस्य राम मोहन चौधरी से मंत्री ने इस जलापूर्ति योजना के बारे में विस्तृत जानकारी ली। इस संबंध में केंद्रीय समिति सदस्य श्री चौधरी ने बताया की चितरा ग्रामीण जलापूर्ति योजना अजय नदी का पानी नारंगी मोड़ के पास से इंटर वेल द्वारा लिफ्ट कर मंझलीबाद में बने फिल्टर प्लांट में फिल्टर होना था और चितरा के नावाडीह में जल मीनार में जमा कर कुल 17 गांव में सप्लाई करना था। अभी स्थिति यह है कि इंटक वेल बह चुका है और कुकराहा से चितरा भाया ठाढ़ी में पीडब्ल्यूडी रोड चौड़ीकरण और मजबूतीकरण के कारण कई जगह पानी सप्लाई का पाइप लाइन संवेदक द्वारा उखाड़ दिया गयी या टूट गया। मालूम हो कि चितरा ग्रामीण जलापूर्ति योजना की स्वीकृति  2014 में तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष सह सारठ विधायक शशांक शेखर भोक्ता ने कराया था। लेकिन योजना का शुभारंभ 2015 में पूर्व मंत्री सह विधायक रणधीर सिंह के कार्यकाल में हुआ। योजना पूरा भी हो गया और योजना पूरा होते ही भ्रष्टाचार का भेंट चढ़ गया।

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