15 साल से जिम्मेदार ही मौन तो समस्या का समाधान करेगा कौन?



उधवा/ साहिबगंज संवाददाता: कहते है कि अगर किसी भी क्षेत्र की विकास व प्रगति का पता लगाना हो तो उस क्षेत्र की सड़क-मार्ग की गुणवत्ता देख लीजिए, क्योंकि अच्छी सड़क होने पर ही विकास और क्षेत्र के प्रगति की द्वार खुलते हैं। लेकिन साहिबगंज जिले के उधवा प्रखंड के दियारा क्षेत्र में लोग सड़क संबंधित समस्याओं से कई दशकों से जूझ रहे हैं। यहाँ की विकास व प्रगति की द्वार आज़ादी के बाद से ही बंद हैं। दियारा क्षेत्र में एक भी ऐसा सड़क नहीं है जिसकी हालत बदतर न हो! लोग अपनी जान जोखिम में डालकर उन्ही सड़को पर आवागमन करने को मजबूर हैं। ऐसे ही दियारा क्षेत्र की पांच पंचायत को प्रखंड मुख्यालय तक जोड़ने वाली नाशघाट-प्राणपुर मुख्य आरईओ सड़क (8कि०मी०) लगभग एक दशक से बदहाल अवस्था में है। सड़क अपने बदहाली पर दशकों से बून्द-बून्द आंसू बहा रहे हैं। यह 8 किमी की सड़क पर यदि आप आवागमन करते हैं तो आपकी हड्डी-पसलियां कीर्तन कर उठेगी। पूरी सड़क पर जरा सा भी ऐसा जगह नहीं बचा है जिसकी हालत ठीक हो! पूरी सड़क ही गड्ढे व छोटे- बड़े तालाब में तब्दील हो चुका है। सड़क में इतने बड़े-बड़े पैमाने पर गड्ढे हो गए हैं जिसमें वर्षा का जल जमाव महीनों तक रहता हैं। जल जमाव रहने के कारण गड्ढे कितने गहरे हैं ये पता लगाना आपके लिए मुश्किल होता हैं। यह सड़क जर्जर व खरंजकरण की हालत में दशकों से पड़े हैं! बाइक सवार व अन्य वाहनों के चालकों इन्ही गड्ढो को बचाने के चक्कर में सड़क से नीचे गिर पड़े। जिससे छोटी-बड़ी हादसा यह सड़क के लिए आम बात हो गई हैं। यह सड़क की स्थिति के चलते ऐसा कई घटनाएं आपको दिखने को मिल जाएगा जिसमें कई लोगों की हाथ, पैर, दांत, हड्डी-पसलियां अबतक टूट चुके हैं। साथ ही कई के जाने भी चली गई हैं। यह सड़क मार्ग क्षेत्र के पंचायत के सैकड़ो गाँवो से हजारों लोगों को मुख्यालय से जोड़ता है औए इसके साथ ही सभी सरकारी कार्यालयों में जाने के लिए इसी सड़क मार्ग से होकर जाना पड़ता हैं। गौरतलब है कि इसी सड़क से सासद , विधायक, प्रखंड स्तर के सभी अधिकारी कई बार गुजर चुके हैं , लेकिन कभी इस सड़क मार्ग की मरामम्मति करवाने की कोशिश नहीं कि। क्षेत्र के हजारों लोगों का कहना है कि यह सड़क को लेकर हमने अखबार, टीवी चैनल, ज्ञापन आदि के माध्यम से प्रशासन को जानकारी दी गई हैं ,किंतु इसके बाद भी ग्रामीणों के मांग पर अधिकारियों द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा है। विभागीय अधिकारियों द्वारा बार-बार अनदेखी की जा रही हैं जिससे आये दीन व दिन दुर्घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। साथ ही ग्रामीणों ने अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए ये भी कहाँ की चुनाव के समय ये लोग वोट मांगने तो आ जाते हैं और जब कुर्सी मिल जाते हैं तो फिर बोलते हैं हम तुम्हारे कौन हैं इस तरह की स्थिति का भी ग्रामीणों को सामना करना पड़ा! इसबार भी यदि यह सड़क नहीं बना तो पाँचों पंचायत के हजारों लोग प्रशासन के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन करने की बात कही है।

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