मंत्री आवास में भगवान बिरसा मुंडा का 121वीं पुण्यतिथि मनाया गया!



मधुपुर झारखंड सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण पर्यटन  संस्कृति खेलकूद युवा कार्य  मंत्री माननीय हफीजुल हसन अपने मधुपुर केला बागान स्थित अपने आवास में भगवान बिरसा मुंडा की 121वीं पुण्यतिथि बनाया गया।इस मौके पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पूर्व नप अध्यक्ष फैयाज केसर झामुमो नगर अध्यक्ष प्रकाश मंडल, अबू तालिब अंसारी, अजय सिंह इत्यादि उपस्थित रहे। मंत्री हफीजुल हसन ने भगवान बिरसा मुंडा की तस्वीर पर माला अर्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि पेश किया। इसके बाद बारी बारी उपस्थित झामुमो कार्यकर्ता महागठबंधन कार्यकर्ता ने मालय अर्पण किया और श्रद्धांजलि पेश की मौके पर मंत्री हफीजुल हसन ने भगवान बिरसा मुंडा की जीवनी पर रोशनी डालते हुए कहा भगवान बिरसा मुंडा आदिवासियों के अधिकार स्वाभिमान और संस्कृति के रक्षा करने वाले भगवान बिरसा मुंडा की आज पुण्यतिथि हम लोग मना रहे हैं सबसे पहले मैं भगवान बिरसा मुंडा को नमन करता हूं! मंत्री श्री हसन ने कहा भगवान बिरसा मुंडा 18 नवंबर 1875 दशक में एक छोटा सा गरीब किसान परिवार में जन्म लिया देश के लिए प्राण निछावर करने वाले आदिवासियों ने बिरसा मुंडा को भगवान का दर्जा देकर नवाजा था जब वह बड़े हुए सूदखोरों और अंग्रेजों का आतंक के खिलाफ आवाज लगाई और बहुत कम उम्र में ही बिरसा मुंडा आदिवासियों का मसीहा बन गए बिरसा मुंडा अंग्रेजों की आतंक के खिलाफ आवाज बुलंद करने को लेकर इन्हें 1895 में गिरफ्तार कर लिया गया लेकिन जल्द ही  जेल से बाहर आ गए बिरसा मुंडा ने जल जंगल जमीन बचाने के लिए उलगुलान किया और लंबी संघर्ष के बाद कई आदिवासियों की जान इस उलगुलान आंदोलन चले गए  3 मार्च 1900 इसवी को बिरसा मुंडा की गिरफ्तारी हुई 9 जून 1900ईo को अंग्रेजों ने जहर देकर मार दिया! आज भगवान बिरसा मुंडा हम लोगों के बीच नहीं है मगर उनकी नारा उनकी और उनके आंदोलन के कारण हमें अंग्रेजों की गुलामी और आतंक से छुटकारा मिला! बिरसा मुंडा कम उम्र में ही एक ऐसा आंदोलनकारी नेता बने जिसका कोई मिसाल नहीं कम उम्र में ही उन्होंने शहीद का दर्जा हासिल किया जिसे कभी नहीं भुलाया जा सकता!

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