अनलॉक-1 में देवघर सहित 9 जिलों में कपड़ा, जूते और ज्वैलरी की दुकानें न खोलने के आदेश से निराशा - चैम्बर



देवघर जिस प्रकार से मुख्यमंत्री ने अनलॉक के बारे में जनता से सुझाव मांगे थे और लोगों की जीविका पर चिंता दिखाई थी, उससे चैम्बर को आशा जगी थी कि अनलॉक-1 में सभी दुकानें सीमित समय के लिए खोलने का आदेश निर्गत होगा। फेडरेशन ऑफ झारखण्ड चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष आलोक मल्लिक ने देवघर सहित राज्य के 9 जिलों में कपड़ा, जूते, ज्वैलरी और कॉस्मेटिक्स की दुकानों को खोलने का आदेश न देने पर निराशा जतायी है और इन सेक्टरों के व्यापारियों के साथ अन्याय बताया है।

फेडरेशन ऑफ झारखण्ड चैम्बर ने मुख्यमंत्री से अपने सलाह में सभी सेक्टर के व्यवसायियों को सीमित समय मे समान रूप से खोलने की बात कही थी। ऐन लगन के समय लॉक डाउन लग जाने के कारण इनका व्यवसाय अचानक बन्द हो गया था और अब जब अन्य व्यवसायों को खुलने की अनुमति मिली थी तो उन्हें भी खोला जाना चाहिए था ताकि उन्हें भी अपने जीविका को संतुलित करने का सीमित अवसर मिल जाता। पिछले वर्ष के अनुभवों के आधार पर यह कतई अंदेशा नहीं था कि इस बार भी इनके साथ असमानता का भाव दिखाया जाएगा।

आलोक मल्लिक ने चैम्बर की ओर से अनलॉक की सम्मानजनक शुरुआत के लिए सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए विश्वास जताया है कि कोरोना आपदा और इसके विस्तार को रोकने में सरकार के व्यवहारिक कदमों को चैम्बर का सहयोग मिलेगा।चैम्बर सरकार से अपेक्षा करती है कि सभी व्यवसायियों को उनकी जीविका को आंशिक रूप से सुचारू बनाने के लिए अनलॉक-1 में आंशिक संशोधन कर कपड़े, जूते, ज्वेलरी तथा कॉस्मेटिक्स की दुकानों को भी खोलने का आदेश दे। साथ ही कम से कम 50 लोगों की सीमा के साथ शादी सहित अन्य आयोजनों के लिए छूट प्रदान करे ताकि इवेंट्स से संबंधित व्यवसायियों की जीविका भी शुरु हो सके।

फेडरेशन ऑफ झारखण्ड चैम्बर चाहती है कि सरकार कोविड के प्रसार को और भी सीमित करने के उद्देश्य से प्रतिष्ठानों के कर्मियों और उसके परिजनों के लिए सामान्य एसओपी के अतिरिक्त वैक्सीनेशन को भी अनिवार्य घोषित करे। व्यापारियों के लिए मोबाइल टीम की व्यवस्था रखी जाय और वैक्सीनेशन के लिए एक साथ 20 या उससे अधिक के समूह की मांग होने पर मोबाइल वैन भेज दिया जाय ताकि वैक्सीनेशन के दर और रफ्तार को बढ़ाया जा सके।

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