तीन दिन से दर्जनों गांवों में बिजली गुल, ग्रामीणों ने जताया विरोध



सारठ : चक्रवाती तूफान यास की वजह से प्रखंड क्षेत्र के दर्जनों गांवों में बिजली व्यवस्था ध्वस्त हो गई है और पिछले 72 घंटे से लगातार विद्युत आपूर्ति ठप रहने से  उपभोक्ताओं में विभाग के प्रति गहरी नाराजगी देखी जा रही है। शुक्रवार को मिसराडीह गांव के लोगों ने विभाग के रवैये को लेकर आक्रोश जताते हुए कहा कि गांव में बिजली की खराबी को लेकर विभाग के कर्मी से लेकर अधिकारी तक को कहा गया। लेकिन ग्रामीणों की शिकायत पर कोई  सुनवाई नहीं हुई। बताया कि बिजली गुल होने से जहां लोगों का मोबाइल डिस्चार्ज हो गया  वहीं कोरोना, लॉकडाउन व चक्रवाती तूफान के बाद के हालात की जानकारी से भी ग्रामीण क्षेत्र के लोग अनभिज्ञ रहे। बिजली बाधित रहने से लोग टीवी देखने से भी वंचित रहे। वैकल्पिक व्यवस्था के लिए उपलब्ध इन्वर्टर भी बैठ चुका है। इधर ध्वस्त विद्युत व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए गुरुवार सुबह से ही बिजली विभाग के सहायक अभियंता रोशन कुमार व कनीय अभियंता प्रभात तिवारी बिजली कर्मियों के साथ क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति बहाल करने के लिए जद्दोजहद करते देखे जा रहे हैं। अभियंताओं ने बताया कि गुरुवार शाम तक में सारठ फीडर को चालू कर दिया गया था। वहीं चितरा और बसहा फीडर को भी शुक्रवार तक में दुरुस्त कर लिया जायेगा। बताया गया कि यास तूफान के चलते ग्रामीण क्षेत्र में दर्जनों पेड़ जहां-तहां बिजली के तार और पोल पर गिरने से आपूर्ति बाधित था, अब लगभग दुरुस्त हो चुका है, उम्मीद जताया कि शुक्रवार शाम तक मे पूरे क्षेत्र में आपूर्ति बहाल हो जायेगी।

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